दो माह से वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों की बढ़ी परेशानी, आर्थिक संकट गहराया

दो माह से वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों की बढ़ी परेशानी, आर्थिक संकट गहराया

कोढ़ा नियोजित एवं नियमित शिक्षकों को फरवरी माह से वेतन का भुगतान नहीं होने के कारण उनकी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है. जिससे उनके दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ, प्रखंड इकाई कोढ़ा के मीडिया प्रभारी तौहिद आलम ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विगत दो महीनों से शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है. शिक्षक समुदाय गंभीर आर्थिक कठिनाइयों से गुजर रहा है. स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई शिक्षक परिवार के भरण-पोषण के लिए संघर्ष कर रहे हैं. कुछ शिक्षक तो भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं. वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षकों को अपने दैनिक खर्च जैसे राशन, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अन्य घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में भारी परेशानी हो रही है. जिन शिक्षकों ने बैंक से ऋण ले रखा है. उनके लिए ईएमआई का भुगतान करना भी मुश्किल हो गया है. समय पर किस्त नहीं चुकाने के कारण उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है. शिक्षकों ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वे मानसिक तनाव से भी जूझ रहे हैं. परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में असमर्थता उन्हें भीतर से तोड़ रही है. कई शिक्षकों ने यह भी कहा कि वेतन भुगतान में इस तरह की देरी से उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंच रही है. कार्य के प्रति उनका मनोबल भी प्रभावित हो रहा है. शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने सरकार एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि अविलंब लंबित वेतन का भुगतान किया जाय. ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

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Author: RAJKISHOR K

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