महर्षि मेंहीं के सदाचार, ध्यान-साधना और वैदिक सनातन परंपरा के सार्वभौमिक संदेश को सात समंदर पार फैलाने के उद्देश्य से स्वामी सत्यानंद जी महाराज 15 जुलाई को अपने विदेशी प्रवास पर निकल चुके हैं. इस यात्रा के दौरान वे छह बड़े देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संतमत-सत्संग कार्यक्रमों में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे, जिससे न केवल सीमांचल बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है.
इन 6 देशों में अंग्रेजी में अध्यात्म का पाठ पढ़ाएंगे स्वामी जी
अपने इस विशेष विदेश प्रवास के दौरान स्वामी सत्यानंद जी महाराज निम्नलिखित देशों का दौरा करेंगे:
- ऑस्ट्रेलिया
- न्यूज़ीलैंड
- मलेशिया
- इंडोनेशिया
- सिंगापुर
- फिलीपींस
इन देशों में आयोजित भव्य सत्संग समागमों में स्वामी जी वैश्विक दर्शकों को समझने के लिए विशेष रूप से अंग्रेजी भाषा में अपने आध्यात्मिक प्रवचन देंगे. उनके व्याख्यान का मुख्य केंद्र बिंदु महर्षि मेंहीं द्वारा प्रतिपादित ध्यान-साधना की सरल विधियां, नैतिक मूल्य, आत्मकल्याण, विश्व-बंधुत्व और संपूर्ण मानव एकता का संदेश रहेगा.
फलका के भंगहा गांव में शिष्यों ने की मंगल कामना
स्वामी जी के इस वैश्विक दौरे की खबर जैसे ही कटिहार जिले के फलका प्रखंड अंतर्गत भंगहा गांव पहुंची, वहां उत्सव सा माहौल हो गया.
"स्वामी सत्यानंद जी महाराज वर्ष 1996 से ही संतमत-सत्संग के अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार में अहर्निश (लगातार) सक्रिय हैं. इससे पहले भी उन्होंने कई देशों की सफल आध्यात्मिक यात्राएं की हैं. विदेशों में भी उनकी वैज्ञानिक और व्यावहारिक व्याख्या से प्रभावित होकर हजारों विदेशियों ने सनातन संतमत को अपनाया है और दीक्षा ग्रहण की है. उनका यह दौरा विश्व कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा." — सानू पटेल, स्थानीय शिष्य, भंगहा (फलका)
हर घर में हैं शिष्य, भंगहा सत्संग मंदिर से है गहरा नाता
गौरतलब है कि स्वामी सत्यानंद जी महाराज का फलका प्रखंड और विशेषकर भंगहा गांव से बेहद आत्मीय और गहरा नाता है. इस गांव के लगभग हर घर में उनके दीक्षित शिष्य रहते हैं. स्वामी जी भी नियमित अंतराल पर भंगहा गांव स्थित सत्संग मंदिर में आकर श्रद्धालुओं को अपने दर्शन और ज्ञान से अनुगृहीत करते रहे हैं.
उनकी इस शुभ और मंगलमयी यात्रा की सफलता के लिए भंगहा के पूर्व मुखिया किरण पटेल, सेवानिवृत्त शिक्षक तेज नारायण मंडल, वर्तमान मुखिया प्रीति पटेल, संतोष साह और अमृत मंडल सहित दर्जनों प्रबुद्ध ग्रामीणों और शिष्यों ने गुरु महाराज से प्रार्थना कर मंगल कामना की है.
