डंडखोरा चक्रवाती तूफान व आंधी के खतरे एवं इससे बचाव के उपायों की जानकारी प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में शनिवार को दी गयी. उत्क्रमित मध्य विद्यालय डंडखोरा में सुरक्षित शनिवार के तहत प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार रजक की देख रेख में कार्यक्रम हुआ. वीक्षण कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षिका ज्योति कुमारी ने चक्रवाती तूफान से होने वाले खतरे की चर्चा की. तेज हवा में उड़ने वाली वस्तुएं खासकर पेड़, टीन की छतें भी घातक हथियार बन सकती हैं. बिजली के खंभे और तार गिर सकते है. बिजली आपूर्ति और संचार ठप हो जाती है. संरचनात्मक क्षति भी होती है. कच्चे और कमजोर मकान टूट सकते है. तूफान से पहले रेडियो, टीवी पर मौसम की चेतावनी पर नज़र रखने की सलाह दी. कहा, घर के पास सूखे पेड़ों की शाखाओं को काट देना उचित होगा. तूफान के दौरान सुरक्षा के लिए घर के अंदर रहना चाहिए. खिड़कियों-दरवाजों को मजबूती से बंद रखना चाहिए. गाड़ियों, पेड़ों, बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए. यदि घर असुरक्षित हो तो प्रशासन के सुरक्षित आश्रय स्थल में चले जाना चाहिए. घर से आप बाहर है तो किसी ऊँचे स्थान पर शरण लेना चाहिए. कमजोर ढांचों के नीचे नहीं. कहा कि तूफान के बाद भी सावधानी बरतना चाहिए. जब तक प्रशासन सुरक्षित न कहे. तब तक घर से बाहर न निकलें. गिरे हुए बिजली के तारों से दूर रहना चाहिए. बच्चों को संकल्प भी दिलाया. विद्यालय के शिक्षक मदन कुमार रजक, रजनीश रंजन, मनोज जायसवाल, सुष्मिता घोष उपस्थित रहे.
छात्रों को चक्रवाती तूफान व आंधी से बचाव की दी जानकारी
छात्रों को चक्रवाती तूफान व आंधी से बचाव की दी जानकारी
