कटिहार में कानून-व्यवस्था पर SP सख्त: जनसुनवाई में सुनीं जनता की फरियाद

कटिहार के पुलिस कप्तान परिचय कुमार ने विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया, जिसमें आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया. उन्होंने त्वरित और निष्पक्ष समाधान के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. घरेलू हिंसा से लेकर भूमि विवाद तक के मामलों पर तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया गया.

कटिहार के पुलिस कप्तान (SP) परिचय कुमार ने आम जनता की समस्याओं के त्वरित और निष्पक्ष समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल की है. जिला पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित विशेष जनसुनवाई (Public Grievance Hearing) के दौरान एसपी ने जिले के दूर-दराज के थाना क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना. मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों को ऑन-स्पॉट आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए.

घरेलू हिंसा से लेकर भूमि विवाद तक के पहुंचे मामले

शुक्रवार को आयोजित इस साप्ताहिक जनसुनवाई में सुबह से ही जिले के विभिन्न अंचलों से आए पीड़ितों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी. लोगों ने लिखित आवेदन देकर अपनी आपबीती सुनाई, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित गंभीर मामले शामिल रहे:

  • भूमि व जमीनी विवाद: ग्रामीण इलाकों में जमीन संबंधी आपसी रंजिश और अवैध कब्जे की शिकायतें.
  • घरेलू हिंसा व मारपीट: पारिवारिक प्रताड़ना, आपसी विवाद में हुई मारपीट और दहेज उत्पीड़न (Dowry Harassment) से जुड़े संवेदनशील मामले.
  • आरोपियों की गिरफ्तारी: विभिन्न थानों में पूर्व से दर्ज आपराधिक कांडों में नामजद अभियुक्तों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर परिजनों की गुहार.

समय सीमा के भीतर निष्पादन का आदेश, लापरवाही पर नपेगे अधिकारी

जनसुनवाई के दौरान पुलिस कप्तान परिचय कुमार ने एक-एक कर सभी आवेदकों के शिकायती पत्रों का बारीकी से अवलोकन (रिव्यू) किया. मौके पर ही उन्होंने कई थाना प्रभारियों को फोन लगाकर केस डायरी की स्थिति जानी और निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:

  1. त्वरित एवं निष्पक्ष जांच (Fair Investigation): किसी भी मामले में पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पुलिस अधिकारी मौके पर जाकर दोनों पक्षों की बात सुनें और निष्पक्षता से कानूनी कदम उठाएं.
  2. समयबद्ध निष्पादन (Time-bound Action): सभी आवेदनों को पेंडिंग रखने के बजाय एक निश्चित समय सीमा (डेडलाइन) के भीतर निष्पादित किया जाए.
  3. न्यायोचित समाधान: थानों में पहुंचने वाले हर गरीब और असहाय पीड़ित को यह अहसास होना चाहिए कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है. आवेदकों को हर हाल में न्यायोचित और पारदर्शी समाधान उपलब्ध कराया जाए.

पारदर्शिता पर जोर:

एसपी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना है. जिन मामलों में थाना स्तर पर शिथिलता या लापरवाही सामने आएगी, वहां संबंधित जांच अधिकारी (IO) के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को पूरी जवाबदेही के साथ काम करने की हिदायत दी है.


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