बच्चे के जीवन के पहले छह वर्ष उसके मस्तिष्क विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण: डीएम

बच्चे के जीवन के पहले छह वर्ष उसके मस्तिष्क विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण: डीएम

– पोषण पखवाड़ा 2026”” का शुभारंभ कटिहार जिले में मातृ एवं शिशु पोषण स्तर को सुदृढ़ करने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से गुरुवार को पोषण पखवाड़ा 2026 का शुभारंभ किया गया. समाहरणालय स्थित एनआईसी सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी, उप विकास आयुक्त अमीत कुमार एवं आईसीडीएस के जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कुमारी पूर्णिमा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर 23 अप्रैल तक चलने वाली विशेष जन-जागरूकता अभियान का उद्घाटन किया. इस अवसर पर केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित वेब कास्टिंग में जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं आईसीडीएस, स्वास्थ्य, शिक्षा, जीविका एवं पंचायती राज विभाग के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से भाग लिया. डीएम ने इस मौके पर कहा कि बच्चे के जीवन के पहले छह वर्ष उसके मस्तिष्क विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते है. इस पखवाड़े के दौरान सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर जमीनी स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि पोषण संबंधी संदेश घर-घर तक पहुंचे. गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों पर विशेष फोकस किया जाय. उन्होंने विशेष रूप से आधुनिक जीवनशैली के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए “स्क्रीन टाइम में कमी ” को लेकर अभिभावकों को जागरूक करने के लिए विशेष परामर्श सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया. पोषण को लेकर अभिभावकों को करें जागरूक डीडीसी ने आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, जीविका एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पोषण पखवाड़े की गतिविधियों को जन आंदोलन का रूप देने के लिए आपसी सामंजस्य स्थापित कर कार्य करें. ताकि जिले में कुपोषण को पूर्णतः समाप्त करने की दिशा में एक सशक्त कदम बढ़ाया जा सके. जिला प्रशासन ने आम जनता एवं अभिभावकों से अपील करते हुए कहा है कि वे नौ से 23 अप्रैल के बीच अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से भाग लेकर अपने बच्चों के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखने में सहयोग प्रदान करें. उल्लेखनीय है कि पोषण पखवाड़ा के तहत गुरुवार से 23 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले इस पोषण पखवाड़े की इस वर्ष की मुख्य विषय-वस्तु (थीम) ””जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना”” निर्धारित की गयी है. यह थीम शिशुओं एवं बालकों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और पोषण की महत्ता पर केंद्रित है. 23 अप्रैल तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगी गतिविधियां मौके पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कुमारी पूर्णिमा ने जानकारी देते हुए बताया कि पोषण पखवाड़ा के दौरान जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न तरह की गतिविधियां आयोजित की जायेगी. उन्होंने कहा कि पोषण पंचायत के तहत ग्राम स्तर पर महिलाओं एवं अभिभावकों के साथ पोषण संबंधी मुद्दों पर सामूहिक चर्चा होगी. जबकि मातृ एवं शिशु पोषण को लेकर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं 0-3 वर्ष के बच्चों के लिए आहार विविधता और स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष जोर दिया जायेगा. मस्तिष्क विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन के तहत 0-3 वर्ष के बच्चों में मानसिक विकास के लिए गतिविधियां होगी. खेल आधारित शिक्षा को लेकर 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खिलौनों एवं खेलों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जायेगा. स्क्रीन टाइम पर परामर्श को लेकर अभिभावकों को बच्चों के मोबाइल एवं टीवी देखने के खतरों एवं विकल्पों के प्रति जागरूक किया जायेगा. साथ ही स्वस्थ जीवनशैली अभियान को लेकर स्वच्छता, पौष्टिक आहार एवं नियमित टीकाकरण के प्रति जन-जागरूकता रैलियां एवं सत्र आयोजित की जायेगी.

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By RAJKISHOR K

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