कटिहार जिले के बलिया बेलौन थाना क्षेत्र अंतर्गत बारसोई अनुमंडल के प्रमुख व्यावसायिक और शैक्षणिक केंद्र सालमारी बाजार की सूरत हल्की सी बारिश में ही बिगड़ जाती है. लगातार हो रही टिप-टिप बारिश के कारण पूरा सालमारी बाजार जलजमाव और कीचड़ के टापू में तब्दील हो चुका है. सड़कों पर जगह-जगह दो फीट तक जमा गंदे पानी और जानलेवा गड्ढों के कारण स्थानीय दुकानदारों, कॉलेज के छात्र-छात्राओं और दूर-दराज से आने वाले ग्राहकों का पैदल चलना भी मुहाल हो गया है.
मजार रोड से लेकर कॉलेज मोड़ तक बदहाली का आलम
बारसोई अनुमंडल का दिल कहे जाने वाले सालमारी बाजार में जल निकासी (Drainage System) की कोई ठोस व्यवस्था न होने से स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है:
- दो फीट तक जमा पानी: सालमारी बाजार के मजार रोड के पास मुख्य सड़क पर करीब दो फीट तक गंदा पानी जमा है, जिसे पार कर लोग रोजमर्रा के काम निपटाने को मजबूर हैं.
- रोज हो रहे हादसे: राजस्थान भवन के समीप, मस्जिद रोड, सोमवारी हाट और आरडीएस कॉलेज मोड़ के पास कीचड़ व जलभराव से सड़क के गड्ढे छिप गए हैं, जिससे आए दिन ई-रिक्शा और बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं.
"सांसद व विधायक से टूट चुकी है आस": जनप्रतिनिधियों पर फूटा गुस्सा
सालमारी की इस उपेक्षा को लेकर स्थानीय नेताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर तीखा हमला बोला है:
- व्यावसायिक व शैक्षणिक हब उपेक्षित: कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष हाजी मरगुबूल हक ने कहा कि सालमारी चिकित्सा व व्यापार का बड़ा केंद्र होने के साथ-साथ अनुमंडल के एकमात्र अंगीभूत कॉलेज 'आरडीएस कॉलेज' का ठिकाना है. इसके बावजूद इसके सौंदर्यीकरण और जल निकासी पर ध्यान न देना दुर्भाग्यपूर्ण है.
- आंदोलन की चेतावनी: राजद नेता विष्णु अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सड़क योजना और सात निश्चय योजना के दावों की हवा निकल चुकी है. सांसद तारिक अनवर और स्थानीय विधायक निशा सिंह अपने फंड से इसका समाधान करा सकते थे, लेकिन उन्हें जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है. अब इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
- स्थानीय स्तर पर प्रयास नाकाफी: जदयू व्यवस्था प्रकोष्ठ के शिवकुमार अग्रवाल ने कहा कि स्थायी समाधान हेतु संबंधित विभाग को पत्र भेजा जाएगा, वहीं स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि गुलाम सरवर ने बताया कि पंचायत विकास मद की सीमित राशि से इतनी बड़ी समस्या का निदान संभव नहीं हो पा रहा है.
ड्रेनेज सिस्टम के बिना बेअसर साबित हो रहीं सरकारी योजनाएं
स्थानीय निवासियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सालमारी बाजार में व्यवस्थित पक्के नाले का निर्माण कर जल निकासी का स्थायी रास्ता नहीं बनाया जाता, तब तक करोड़ों रुपये की सड़कें भी बारिश में बहती रहेंगी और जनता को कीचड़ व गंदे पानी के बीच ही जीने को मजबूर होना पड़ेगा.
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