कटिहार के सदर अस्पताल में रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण आम बाह्य रोगी विभाग (OPD) सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी. अस्पताल प्रशासन ने आम नागरिकों और मरीजों से अपील की है कि वे सामान्य सर्दी-खांसी, रूटीन चेकअप और चिकित्सीय परामर्श के लिए सोमवार को अस्पताल के ओपीडी काउंटर पर आएं. हालांकि, इस अवकाश के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल की इमरजेंसी (आपातकालीन) सेवा 24 घंटे सक्रिय रहेगी. अस्पताल प्रबंधन ने रविवार के लिए डॉक्टरों की शिफ्टवार ड्यूटी का विस्तृत रोस्टर जारी कर दिया है.
इमरजेंसी ड्यूटी रोस्टर: तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगे चिकित्सक
सदर अस्पताल प्रशासन द्वारा रविवार सुबह से लेकर सोमवार सुबह तक आपातकालीन वार्ड में तैनात रहने वाले डॉक्टरों की सूची इस प्रकार जारी की गई है:
- प्रातःकालीन शिफ्ट (सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक): इस पहली शिफ्ट में मरीजों के त्वरित इलाज के लिए डॉ. एसपी विनकर ऑन-ड्यूटी तैनात रहेंगे.
- संध्याकालीन शिफ्ट (दोपहर 2:00 बजे से रात 9:00 बजे तक): दोपहर के बाद से लेकर रात तक की जिम्मेदारी डॉ. निकेश कुमार संभालेंगे.
- रात्रिकालीन शिफ्ट (रात 9:00 बजे से सोमवार सुबह 8:00 बजे तक): रात के समय आने वाले आपातकालीन मामलों को देखने के लिए डॉ. दीपक कुमार मुस्तैद रहेंगे.
इन गंभीर परिस्थितियों में तुरंत मिलेगी चिकित्सीय सहायता
अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि रविवार को ओपीडी बंद रहने से परिसर में अनावश्यक भीड़ नहीं होगी, जिससे ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल स्टाफ गंभीर रूप से बीमार या चोटिल मरीजों को तत्काल और बेहतर स्वास्थ्य सेवा दे सकेगा. निम्नलिखित आपातकालीन स्थितियों में मरीज को सीधे इमरजेंसी वार्ड में लाया जा सकता है:
- सड़क दुर्घटना (Road Accidents) या किसी भी प्रकार की गंभीर शारीरिक चोट लगने पर.
- प्रसव (Delivery/Maternity) संबंधी आपातकालीन मामलों में.
- अचानक सांस लेने में तकलीफ होना, बेहोशी आना या सीने में तेज दर्द (Chest Pain) की शिकायत होने पर.
- बच्चों या बड़ों में अचानक तेज बुखार अथवा कोई अन्य गंभीर समस्या उत्पन्न होने पर.
दवा और जांच की रहेगी समुचित व्यवस्था:
सदर अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, रविवार को ओपीडी बंद होने के बावजूद इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों के लिए आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं, प्राथमिक उपचार (First Aid) और जरूरी पैथोलॉजिकल व रेडियोलॉजिकल जांच की सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क और बहाल रहेंगी, ताकि किसी भी मरीज के इलाज में देरी न हो.
