कटिहार सदर अस्पताल में कार्यरत उपाधीक्षक डॉ आशा शरण पर लापरवाही और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आवेदन पर जिला पदाधिकारी के निर्देश पर विभागीय स्तर पर प्राप्त शिकायत की जांच के बाद यह उन्हें पदमुक्त करते हुए प्रपत्र क गठित करने को लेकर आदेश जारी किये है. सदर अस्पताल में इन दिनों व्यापक भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा था. डीएम ने भी सदर अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने को लेकर निर्देशित किए थे. लेकिन वरीय पदाधिकारी के निर्देश के बाद भी सदर अस्पताल में व्यवस्थाऐं बेहतर नही हुई. डीएम ने जब सीएस से स्पष्ट्रीकरण पुछा तो सीएस ने डीएस आशा शरण पर व्यवस्था का जिम्मेवार बताते हुए डीएस के विरूद्ध डीएम को आवेदन दिया. डॉ. आशा शरण पर अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने, वित्तीय लेन-देन में अनियमितता तथा दवा भंडारण में गड़बड़ी के आरोप लगाये. जब डॉ आशा शरण से स्पष्ट्रीकरण मांगा गया तो उसने जवाब संतोषपूर्ण नही दिए साथ ही अस्पताल की व्यवस्था बेहतर नही हुई. इसके बाद डीएम के निर्देश पर उन्हें सदर अस्पताल के उपाधीक्षक पद से मुक्त कर दिया है, इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है, सूत्रों के अनुसार अस्पताल में दवाओं के रख-रखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही थी, जिससे मरीजों को समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा था, वहीं वित्तीय मामलों में भी पारदर्शिता की कमी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विभागीय जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, साथ ही मामले में उपाधीक्षक के साथ साथ दो फार्मासिस्ट पर भी एफआईआर दर्ज करने की दिशा में भी पहल की जा रही है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, इस कार्रवाई को स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
सदर अस्पताल की उपाधीक्षक पर गिरी गाज, पद से हटाकर विभागीय जांच शुरू
सदर अस्पताल की उपाधीक्षक पर गिरी गाज, पद से हटाकर विभागीय जांच शुरू
