महंगे डीजल-बिजली से बढ़ी खेती की लागत, प्रशासन से पानी छोड़ने की मांग

महंगे डीजल-बिजली से बढ़ी खेती की लागत, प्रशासन से पानी छोड़ने की मांग

कोढ़ा प्रखंड क्षेत्र के नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों के सामने गंभीर सिंचाई संकट उत्पन्न हो गयी है. रबी फसल की बुआई और तैयार फसलों की सिंचाई प्रभावित होने से किसान खासे चिंतित हैं. मजबूरी में किसानों को महंगी बिजली व डीजल चालित पंप सेट का सहारा लेना पड़ रहा है. जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है. बताया जाता है कि कोढ़ा नगर पंचायत समेत कई ग्राम पंचायतों से होकर बड़ी नहरें निकाली गई हैं. ताकि किसानों को समय पर फसलों की पटवन की सुविधा मिल सके. लेकिन पटवन के महत्वपूर्ण समय में नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों के बीच भारी असंतोष है. कोढ़ा क्षेत्र के अधिकांश किसान अपने भरण-पोषण और जीविका के लिए पूरी तरह खेती पर निर्भर है. किसानों का कहना है कि समय पर पानी उपलब्ध नहीं होने से गेहूं, केला, मक्का, दलहन व तिलहन जैसी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. डीजल की बढ़ती कीमतों और बिजली आपूर्ति की अनियमितता ने हालात को और गंभीर बना दिया है. कई किसानों ने बताया कि पंप सेट से सिंचाई करने में प्रति बीघा अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है. जिससे मुनाफा काफी घट गया है. किसानों ने सिंचाई विभाग व जिला प्रशासन से अविलंब नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि शीघ्र व्यवस्था नहीं की गई तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे सामूहिक आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

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By RAJKISHOR K

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