कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट
Impact: कटिहार जिला मुख्यालय के शहरी इलाके से पत्रकारिता के सशक्त असर की एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है. रिफ्यूजी कॉलोनी जाने वाले मुख्य रास्ते पर पिछले एक सप्ताह से छाए मौत के साये और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर शुक्रवार के अंक में ‘प्रभात खबर’ ने “छह दिन बाद भी नहीं हटा तार पर गिरा पेड़” शीर्षक से समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. अखबार की इस जनसरोकार से जुड़ी खबर का ऐसा जोरदार असर हुआ कि महज चंद घंटों के भीतर ही विद्युत विभाग के आला अधिकारियों की नींद टूट गई. शुक्रवार की अहले सुबह ही विभागीय कर्मचारी और मजदूरों की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची और तारों पर खतरनाक ढंग से लटके पेड़ को काटकर पूरी तरह हटा दिया. रास्ता साफ होने से इस मार्ग पर सात दिनों से बाधित आवागमन एक बार फिर पूरी तरह सुलभ और सुरक्षित हो गया है.
सात दिन पूर्व आए चक्रवाती तूफान ने मचाई थी तबाही, विभाग बना था तमाशबीन
स्थानीय मोहल्लेवासियों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले क्षेत्र में आई तेज आंधी-बारिश और चक्रवाती तूफान के दौरान एक विशालकाय पेड़ भरभराकर सीधे 11 केवी (KV) बिजली के मुख्य तारों पर जा गिरा था.
- हादसे को आमंत्रण: पेड़ के भारी वजन के कारण बिजली के तार और खंभे पूरी तरह झुक गए थे. सड़कें ब्लॉक होने के कारण चार पहिया वाहनों का आना-जोगा पूरी तरह ठप था.
- करंट का था खतरा: स्थानीय लोगों ने कई बार ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और विभागीय कनीय अभियंता (JE) को भी सूचित किया, लेकिन सात दिनों तक कोई सुध लेने नहीं आया. तार कभी भी टूटकर गिर सकते थे, जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता था.
मोहल्लेवासियों में खुशी की लहर, ‘प्रभात खबर’ की अनूठी पहल को सराहा
जनता का आभार: शुक्रवार सुबह जैसे ही बिजली कर्मियों ने कटर मशीनों की मदद से पेड़ की टहनियों को काटकर तारों से अलग किया और सड़क को पूरी तरह साफ किया, पूरे मोहल्ले के नागरिकों ने राहत की सांस ली और एक-दूसरे को बधाई दी.
इस त्वरित कार्रवाई के बाद रिफ्यूजी कॉलोनी के निवासी संजय चौधरी, नियमित राहगीर कुमार सानू रवि, मनीष कुमार सहित दर्जनों स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ‘प्रभात खबर’ न केवल आम जनता और जनहित से जुड़ी गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाता है, बल्कि सोए हुए सिस्टम से उस पर त्वरित कार्रवाई कराने का माद्दा भी रखता है. अखबार की इस धारदार पहल के कारण ही आज सैकड़ों परिवारों को इस बड़े खतरे से मुक्ति मिली है.
“खबर छपने के बाद जागना विभागीय उदासीनता का प्रतीक” — नागरिक
मोहल्ले के प्रबुद्ध नागरिकों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि जो काम सात दिनों से रुका हुआ था, वह अखबार की एक सुर्ख़ी बनते ही महज कुछ घंटों में पूरा हो गया. यह विभाग के कर्मियों और पदाधिकारियों के उदासीन रवैये को दर्शाता है. सुरक्षा सुनिश्चित करना और बुनियादी सुविधाओं को बहाल रखना अधिकारियों का प्राथमिक कर्तव्य है, जिसे उन्हें बिना किसी बाहरी दबाव या समाचार के खुद गंभीरता से करना चाहिए.
ग्रामीणों और शहरी उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के वरीय पदाधिकारियों (कार्यपालक अभियंता) से पुरजोर मांग की है कि वे समय-समय पर अपने-अपने क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण (फील्ड विजिट) करें. इलाके में ऐसे कई संवेदनशील मामले और जर्जर तार-खंभे ठंडे बस्ते में पड़े हुए हैं, जिन्हें मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले दुरुस्त किया जाना बेहद अनिवार्य है, अन्यथा आने वाले दिनों में कोई बड़ी अनहोनी घट सकती है.
