कटिहार मानसून को देखते हुए रेल प्रशासन अलर्ट मोड़ में है. कटिहार रेल मंडल की रेलवे ट्रैकों की निगरानी तेज कर दी गयी है. कंट्रोल रूम को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. बताते चले कि मानसून की पहली बारिश के साथ ही पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख रेल मंडलों में शामिल कटिहार रेल मंडल पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. इस मंडल में कुल 1496 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक फैला हुआ है. जिसकी निगरानी रेलवे करती आ रही है. मानसून में जोखिम बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है. कटिहार रेल मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक मनोज सिंह ने बताया कि कटिहार रेल डिवीजन के न्यू जलपाईगुड़ी व मुकुरिया सेक्शन सबसे अधिक बारिश प्रभावित क्षेत्र माना जाता है. इन इलाकों में अत्यधिक बारिश व भूस्खलन जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है. इसलिए वहां विशेष पेट्रोलिंग और तकनीकी निरीक्षण की व्यवस्था की गयी है. रेल मंडल ने इंजीनियरिंग व ट्रैक निरीक्षण से जुड़ी टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है. जगह-जगह मॉनसून पेट्रोलिंग, ड्रोन सर्विलांस व मेनुअल चेकिंग की जा रही है. ताकि किसी भी तरह की बाधा को समय रहते दूर किया जा सके. एडीआरएम ने आमलोगों से अपील की है कि अगर किसी भी स्थान पर बारिश के कारण ट्रैक पर कोई भी समस्या दिखाई दे. जैसे पानी जमा होना, मिट्टी खिसकना या ट्रैक में दरार तो तुरंत इसकी सूचना रेल कंट्रोल रूम को दें. समय पर जानकारी मिलने से बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है.
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