– सिलिंडर अनलोडिंग ठप, उपभोक्ता परेशान कुरसेला कुरसेला स्थित भारत गैस एजेंसी के देवीपुर विषहरी स्थान गोदाम में गैस सिलिंडर की अनलोडिंग-लोडिंग का काम मजदूरी भुगतान विवाद के चलते ठप हो गया है. गुरुवार शाम से गोदाम पर सिलिंडर लदा ट्रक खड़ा है, लेकिन मजदूर उतार नहीं रहे. गोदाम में गैस नहीं पहुंचने से उपभोक्ताओं को आपूर्ति बाधित हो गई है. शुक्रवार को एजेंसी कार्यालय पर गैस के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही. एजेंसी संचालक बोले: ट्रांसपोर्टर दे मजदूरी भारत गैस एजेंसी के संचालक मुकेश चौधरी ने बताया कि गोदाम तक गैस पहुंचाने का दायित्व ट्रांसपोर्टर का है. अनलोडिंग-लोडिंग की मजदूरी का भुगतान ट्रांसपोर्टरों को करना है. 2016 में एजेंसी शुरू होने से अब तक अनलोडिंग की मजदूरी एजेंसी देती आ रही थी, जो गलत था. गैस डिलीवरी में पारदर्शिता के लिए अब एजेंसी ने मजदूरी भुगतान नहीं करने का निर्णय लिया है. हर माह 30-40 हजार का खर्च, मजदूरी भी बढ़ी संचालक ने बताया कि भारत गैस कंपनी एजेंसी के गोदाम तक गैस पहुंचाने का खर्च वाहन करती है. कुरसेला गोदाम में हर माह 9 से 10 हजार सिलिंडर उतरते हैं. प्रति सिलिंडर 4 रुपये की दर से अनलोडिंग का खर्च 30 से 40 हजार रुपये महीना आता है. यह राशि एजेंसी के लिए वाहन करना संभव नहीं है. मजदूरों ने भी मजदूरी 3 रुपये से बढ़ाकर 4 रुपये प्रति सिलिंडर कर दी है. दो ट्रक खड़े, आपूर्ति चरमराई मजदूरी भुगतान का पेंच फंसने से गुरुवार शाम से देवीपुर गोदाम पर एक ट्रक गैस सिलिंडर अनलोड नहीं हो पा रहा है. शुक्रवार सुबह से दूसरा ट्रक भी लदा खड़ा है. गोदाम में गैस नहीं उतरने से उपभोक्ताओं के बीच आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है. कंपनी से नहीं मिलता मजदूरी का पैसा मुकेश चौधरी ने कहा कि भारत गैस कंपनी से एजेंसी को मजदूरों के मजदूरी भुगतान की राशि नहीं मिलती है. गैस वितरण में पारदर्शिता के लिए अनलोडिंग में मजदूरों को भुगतान न करने का फैसला लिया गया है. मजदूरी विवाद के चलते कुरसेला भारत गैस एजेंसी की आपूर्ति व्यवस्था संकट में पड़ गई है. उपभोक्ता सिलिंडर के लिए एजेंसी के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
कुरसेला: भारत गैस गोदाम में मजदूरी भुगतान पर फंसा पेच
कुरसेला: भारत गैस गोदाम में मजदूरी भुगतान पर फंसा पेच
