फलका में दम तोड़ रही हर घर नल का जल योजना, करोड़ों खर्च के बाद भी सूखे पड़े नल

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर नल का जल योजना' कटिहार के फलका प्रखंड में अपने उद्देश्य से भटक गई है. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई पंचायतों में ग्रामीणों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोग फिर से चापाकल पर निर्भर होने को मजबूर हैं.

कटिहार जिले के फलका प्रखंड में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल का जल योजना अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है. करोड़ों रुपये खर्च कर पाइपलाइन और जलमीनार का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन कई पंचायतों में ग्रामीणों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. स्थिति यह है कि लोग एक बार फिर चापाकल और निजी बोरिंग पर निर्भर होने को मजबूर हैं.

कई पंचायतों में नहीं मिल रहा नियमित पानी

प्रखंड के सालेहपुर, भंगहा, भरसिया, पोठिया, शब्दा समेत कई पंचायतों में नल-जल योजना की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि कई जगह महीनों से जलापूर्ति बंद है. कहीं-कहीं लंबे अंतराल के बाद पानी आता भी है तो वह मटमैला और बदबूदार होता है, जिससे उसका उपयोग पीने के लिए नहीं किया जा सकता.

पाइपलाइन बिछी, लेकिन नहीं मिल रहा लाभ

ग्रामीणों के अनुसार अधिकांश वार्डों में पाइपलाइन बिछाकर घर-घर कनेक्शन दिए गए, लेकिन नियमित जलापूर्ति नहीं होने से योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. लोगों का आरोप है कि रखरखाव के अभाव में कई जगह मोटर खराब पड़ी है, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है और तकनीकी खराबियों के कारण जलापूर्ति ठप है. शिकायत के बावजूद समय पर मरम्मत नहीं कराई जाती.

स्वच्छ पेयजल का उद्देश्य अधूरा

ग्रामीणों का कहना है कि जब कभी पानी की आपूर्ति होती भी है तो उसकी गुणवत्ता संतोषजनक नहीं होती. गंदा और बदबूदार पानी आने से लोग उसे पीने से बचते हैं. ऐसे में योजना का मूल उद्देश्य लोगों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना अधूरा रह गया है.

ग्रामीणों ने की शीघ्र कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) से सभी बंद पड़ी नल-जल योजनाओं की जांच कराने, खराब मोटर और पाइपलाइन की मरम्मत कराने तथा नियमित और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो लोगों की परेशानी और बढ़ेगी.


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लेखक के बारे में

Author: अली अहमद

Published by: Shruti Kumari

अली अहमद प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. फलका (कटिहार) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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