कटिहार के डंडखोरा से संजय सिंह की रिपोर्ट.
डंडखोरा प्रखंड क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार एक बार फिर लोगों की परेशानी का कारण बन गई है. बस्तौल-सोनाली पीडब्ल्यूडी सड़क से टिकैली मोहनी कदम गाछ तक बन रही पीसीसी सड़क का निर्माण पिछले करीब तीन महीने से अधूरा पड़ा है. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी गिट्टी बिछाने के बाद काम छोड़कर चली गई, जिससे लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों की बढ़ी मुश्किलें
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण के नाम पर पहले पूरी सड़क को जेसीबी से खोद दिया गया. इसके बाद गिट्टी बिछाई गई, लेकिन उसके बाद से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है. इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और किसानों को काफी परेशानी हो रही है. दोपहिया और चारपहिया वाहन फिसलने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
बारिश में सड़क बनी मुसीबत
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश होने पर अधूरी सड़क पर कीचड़ और जलजमाव हो जाता है. ऐसे में पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है. खराब सड़क के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों को स्कूल जाने और किसानों को मंडी तक अनाज ले जाने में भी दिक्कतें आ रही हैं.
जिला पदाधिकारी के दौरे तक ही चला निर्माण कार्य
ग्रामीणों का आरोप है कि महेशपुर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान जिला पदाधिकारी के संभावित दौरे की सूचना मिलने पर संवेदक ने दो दिनों तक तेजी से निर्माण कार्य कराया. शिविर समाप्त होते ही काम फिर बंद कर दिया गया. इसके बाद से सड़क निर्माण में कोई प्रगति नहीं हुई है.
जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से अधूरी सड़क का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे. ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर विकास चाहिए.
प्रमुख बातें
- बस्तौल-सोनाली पीडब्ल्यूडी सड़क से टिकैली मोहनी कदम गाछ तक पीसीसी सड़क का निर्माण तीन महीने से अधूरा है.
- निर्माण एजेंसी पर गिट्टी बिछाकर काम छोड़ देने का आरोप.
- बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ और जलजमाव से आवागमन प्रभावित.
- स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और आम लोगों को हो रही परेशानी.
- ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग की.
- काम शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई.
