लोहिड़ी तील, गूड़, मूंगफली अग्नि को समर्पित की
लोहिड़ी तील, गूड़, मूंगफली अग्नि को समर्पित की
बरारी प्रखंड के एतिहासिक गुरुद्वारा भवानीपुर गुरुबाजार काढागोला साहिब में सिख समुदाय ने मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर लोहिड़ी का पवित्र त्योहार मनाने के लिए एकजुटता के साथ नये परिधानों में पहुंचे. अग्नि की बीड़ा को आकाश की ओर गोयठा, लकड़ी खड़ी कर जमीन में सिक्का रख हेडग्रंथी सुरजीत सिंह ने अरदास कर संगतो की उपस्थिति में अग्नि प्रवाह कर मूंगफली, गुड़, तिल सहित सामग्री डालते हुए लोहिड़ी आई भांगड़ा काते हुए अग्नि के चारों ओर नाचते गाते डालते हुए लोहिड़ी का त्योहार को मनाया. हेडग्रंथी बताते हैं कि लोहड़ी का त्योहार पूरे पंजाब व मीनी पंजाब से मसहूर भवानीपुर प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है. इस त्योहार के पीछे एक लोकप्रिय कथा दुल्हा भट्टी की पौराणिक कहानी है जो अपहृत लड़की के विवाह की व्यवस्था कर पारिवारिक जीवन देने का वाले दुल्हा भट्टी पंजाब क्षेत्र के नायक कहलाते है. लोहिड़ी त्योहार में लंगर की व्यवस्था की गई थी जो सभी साथ मिलकर आपसी भाई चारा के साथ ग्रहण किया. अकवाल सिंह, प्रधान रंजीत सिंह, गोविंद सिंह, अमरजीत सिंह, उपाध्यक्ष अरजन सिंह, भगत सिंह, जगजीत सिंह, जयपाल सिंह, मन्नु सिंह, गोनू सिंह, प्रीतपाल सिंह, कमल सिंह, गुड्डु सिंह, अमरेन्द्र सहगल, दीपक सिंह, मनोहर कौर, प्रेमलता कौर, पूर्व प्रमुख नीलम कौर, सुरजीत कौर, अमरजीत कौर, आरती कोर, कंवलजीत कौर, बबली कौर, रंजीत कौर, मासूम, गोपाल सिंह, कवि सिंह, रवि सिंह, अमीत गांधी, रोजी कौर, डोली कोर सहित सिख समुदाय परिवार काफी संख्या में मौजूद रहे.
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