हसनगंज कालसर पंचायत की महादलित टोला गोदया गांव के 45 वर्षीय संतोष ऋषि का शव जैसे ही मुंबई नासिक से गांव पहुंचा पूरे इलाके में मातम छा गया. परिजनों के बीच कोहराम मच गया. पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. संतोष ऋषि पांच माह पूर्व काम करने नासिक गये थे. एक कंपनी में मजदूरों के लिए खाना बनाने का काम कर रहे थे. परिजनों का आरोप है अचानक सीने में दर्द होने के बावजूद कंपनी के मुंशी व ठेकेदार इलाज नहीं कराया. जिससे मौत हो गयी. मृतक की पत्नी रीना देवी ने बताया कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो उनके पति की जान बच सकती थी. कहा अब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके दो बेटे और एक बेटी हैं. पूरे परिवार की जिम्मेदारी संतोष ऋषि पर ही था. मुखिया सागर यादव व श्रीलाल उरांव ने शोक जताया व आरोप लगाया कि मजदूर की मौत कंपनी की लापरवाही के कारण हुई है. सरकार और जिला प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. महादलित टोला सहित कटिहार के सैकड़ों मजदूर अन्य प्रदेशों को पलायन करने को विवश है. कटिहार रेलवे स्टेशन से जितने भी रेल गाड़ी चलती है. सभी से मजदूरों का पलायन हो रहा है. ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाय तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाय.
मुम्बई नासिक में मजदूरी करने गये युवक की तबियत बिगड़ने से मौत
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