कटिहार से सूरज गुप्ता की रिपोर्ट
Sarvamangala Durga Mandir: कटिहार जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र अंतर्गत मिरचाईबाड़ी इलाके में स्थापित प्रसिद्ध सर्वमंगला सार्वजनिक दुर्गा मंदिर आस्था और अटूट विश्वास का एक बड़ा केंद्र बना हुआ है. इस ऐतिहासिक मंदिर की महिमा और ख्याति इतनी दूर-दूर तक फैली है कि साधारण दिनों के अलावा रविवार और विशेष त्योहारों के मौके पर यहाँ माता के दर्शन के लिए तड़के सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा, सुलभ दर्शन और मंदिर की पवित्र मर्यादा को बनाए रखने के लिए मंदिर प्रबंधन समिति ने पूजा-अर्चना और पट बंद होने के समय को लेकर एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है.
सुबह 7 बजे से शुरू होगी पूजा; दोपहर में 4 घंटे बंद रहेगा गर्भगृह
- सुबह की पूजा का समय: मंदिर में भक्तों के लिए सुबह 07:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक मुख्य पूजा-अर्चना का समय निर्धारित किया गया है. इस दौरान श्रद्धालु गर्भगृह के समीप जाकर जल, अक्षत और पुष्प अर्पित कर सकते हैं.
- दोपहर में वर्जित रहेगा प्रवेश (पट बंदी): दोपहर 12:00 बजे से लेकर अपराह्न (दोपहर बाद) 04:00 बजे तक कुल 4 घंटों के लिए मुख्य मंदिर का मुख्य द्वार श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह वर्जित रहेगा. इस अवधि में माता को भोग लगाया जाता है और विश्राम के कारण मंदिर बंद रहता है.
- शाम का दर्शन सत्र: दोपहर की बंदी के बाद, अपराह्न 04:00 बजे से लेकर रात्रि 09:00 बजे तक मंदिर का कपाट दोबारा भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा, जहां लोग देर रात तक शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन कर सकेंगे.
सुबह और शाम 7 बजे होगी भव्य सामूहिक आरती; पंडितों को सौंपी गई जिम्मेदारी
महा-आरती का विशेष आकर्षण: सर्वमंगला मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ दोनों समय होने वाली आलौकिक और संगीतमय महा-आरती है. रविवार को सुबह ठीक 07:00 बजे और शाम को ठीक 07:00 बजे माता की भव्य सामूहिक आरती का समय तय है. इस दौरान शंखध्वनि और घंटों की गूंज के बीच सैकड़ों श्रद्धालु एक साथ खड़े होकर मां दुर्गा की सामूहिक आराधना में लीन होते हैं.
सुचारू व्यवस्था के लिए तैनात रहेंगे विद्वान पंडित:
मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को संकल्प, रक्षासूत्र और विशेष पूजा कराने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए अलग-अलग प्रहर (समय) के अनुसार अलग-अलग विद्वान पंडितों (पुजारियों) को जिम्मेदारी सौंपी गई है. रोस्टर के मुताबिक सभी पुजारी अपने निर्धारित समय पर मंदिर परिसर में उपस्थित रहकर धार्मिक अनुष्ठानों को कड़ाई और वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न करा रहे हैं. मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़-भाड़ वाले समय में कतारबद्ध होकर ही माता के दर्शन करें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें.
