मनसाही में अंडरपास बना परेशानी का कारण, दो फीट पानी में फंस रहे वाहन

अंडरपास में जलजमाव के कारण दोपहिया और साइकिल सवार तो किसी तरह निकल जा रहे हैं, लेकिन तीन पहिया, चार पहिया, ट्रक और ट्रैक्टर जैसे बड़े वाहन पानी में फंस जा रहे हैं. कई बार वाहनों के बंद होने और एक्सल टूटने से घंटों जाम की स्थिति बन जाती है.

कटिहार के मनसाही से ललित कुमार की रिपोर्ट:

कटिहार-तेजनारायणपुर रेलखंड पर समपार फाटकों को हटाकर बनाए गए अंडरपास रेल पुल अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गए हैं. लगातार बारिश के कारण मनसाही स्टेशन के पास मरांगी चांदनी चौक के समीप बने अंडरपास में करीब दो फीट तक पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है.

पानी भरने से वाहन फंस रहे

अंडरपास में जलजमाव के कारण दोपहिया और साइकिल सवार तो किसी तरह निकल जा रहे हैं, लेकिन तीन पहिया, चार पहिया, ट्रक और ट्रैक्टर जैसे बड़े वाहन पानी में फंस जा रहे हैं. कई बार वाहनों के बंद होने और एक्सल टूटने से घंटों जाम की स्थिति बन जाती है.

किसानों और राहगीरों की बढ़ी मुश्किल

खेतों में तैयार मकई की फसल को लाने में किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं. ट्रैक्टर-डाला अंडरपास में फंस जा रहा है, जिसे निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. वहीं पैदल यात्रियों को भी घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है.

ओवरब्रिज निर्माण की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास बनने के बाद से ही यह समस्या बनी हुई है, जो बारिश के मौसम में और गंभीर हो जाती है. ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से अंडरपास की जगह ओवरब्रिज निर्माण की मांग की है. उनका कहना है कि ओवरब्रिज बनने से जलजमाव और जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >