बेगूसराय में हुए सड़क हादसे में मनिहारी के जांबाज दारोगा ज्ञानेंद्र अमरेंद्र की मौत

Begusarai Road Accident: बिहार पुलिस महकमे के लिए एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. पटना में दो दिवसीय विशेष तकनीकी प्रशिक्षण लेकर निजी कार से मधेपुरा लौट रहे तीन थानाध्यक्षों (SHOs) और उनके चालक की बेगूसराय जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण सड़क हादसे में मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में मधेपुरा के अरार थाना अध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र मूल रूप से कटिहार जिले के मनिहारी के रहने वाले थे, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है.

कटिहार के मनिहारी से राजेश सिंह की रिपोर्ट

Begusarai Road Accident: बिहार के बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर बीती देर रात एक अत्यंत हृदयविदारक सड़क दुर्घटना हुई है. राजधानी पटना के सरदार पटेल भवन (पुलिस मुख्यालय) में आयोजित एक महत्वपूर्ण शासकीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के बाद निजी कार से वापस मधेपुरा लौट रहे तीन थानों के अध्यक्षों की गाड़ी सड़क किनारे खड़े एक अनियंत्रित ट्रक में पीछे से टकरा गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्षों समेत उनके निजी चालक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में शामिल अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र कटिहार जिला अंतर्गत मनिहारी प्रखंड के रहने वाले थे. जैसे ही शुक्रवार की सुबह यह मनहूस खबर मनिहारी पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

2009 बैच के कर्तव्यनिष्ठ दारोगा थे ज्ञानेंद्र; सितंबर 2025 से अरार में थे तैनात

सड़क हादसे का शिकार हुए दिवंगत पुलिस अधिकारी ज्ञानेंद्र अमरेंद्र के सेवाकाल और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:

  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: ज्ञानेंद्र अमरेंद्र कटिहार जिले के मनिहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत आजमपुरगोला (धममक टोला) के मूल निवासी थे. वे स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक योगेंद्र प्रसाद यादव के पुत्र थे.
  • बैच और स्वभाव: वे वर्ष 2009 बैच के सीधे नियुक्त सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) थे. पुलिस महकमे में वे अपने बेहद सरल, सौम्य और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे.
  • अंतिम पदस्थापना: अपनी कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली के कारण वे सितंबर 2025 से मधेपुरा जिले के अरार थाना में बतौर थानाध्यक्ष (SHO) अपनी सेवा दे रहे थे.

सीसीटीएनएस डिजिटल ट्रेनिंग लेकर लौट रहे थे जांबाज; मधेपुरा के तीन थानों की कमान थी इनके हाथ

राज्य पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन, पटना में 10 और 11 जून को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और एनआईसी (NIC) के विशेषज्ञों द्वारा सूबे के चुनिंदा थानाध्यक्षों के लिए ‘सीसीटीएनएस 1.0’ (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) के तहत एक उच्चस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था.

इस दो दिवसीय ट्रेनिंग में थानों के रिकॉर्ड को पेपरलेस करने, एफआईआर (FIR), चार्जशीट और अनुसंधान डायरी को पूरी तरह डिजिटल कर कोर्ट, जेल व फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) से सीधे जोड़ने की बारीकियां सिखाई गई थीं. मधेपुरा जिले से इस कड़े प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए तीन थानाध्यक्ष पटना आए थे:

  1. डॉ. ज्ञानेंद्र अमरेंद्र (थानाध्यक्ष, अरार)
  2. श्री साजन कुमार पासवान (थानाध्यक्ष, रतवाना)
  3. श्री नीरज कुमार (थानाध्यक्ष, बेलारी)

आधी रात को बेगूसराय के पास काल बनी खड़ी ट्रक; चालक ज्योतिष की भी गई जान

दो दिवसीय प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद, गुरुवार की शाम करीब 6:30 बजे तीनों जांबाज अधिकारी मधेपुरा के लिए एक निजी कार से रवाना हुए थे. कार को उनका निजी चालक ज्योतिष कुमार चला रहा था. रात करीब 01:00 बजे जैसे ही उनकी तेज रफ्तार कार बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल के समीप पहुंची, एनएच पर अंधेरे में खड़े एक लावारिस ट्रक से कार की सीधी और जोरदार भिड़ंत हो गई. कार का अगला हिस्सा ट्रक के नीचे बुरी तरह समा गया, जिससे चारों मृतकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. स्थानीय पुलिस ने गैस कटर की मदद से शवों को बाहर निकाला.

मनिहारी आवास पर सांत्वना देने पहुंचे स्थानीय थाना अध्यक्ष; दोपहर बाद पहुंचेगा पार्थिव शरीर

पुलिस महकमे में शोक: “हमने एक बेहद कुशल, ईमानदार और तकनीकी रूप से दक्ष साथी को खो दिया है. यह क्षति पूरे बिहार पुलिस परिवार के लिए अपूरणीय है.”

इस दर्दनाक हादसे की पुष्टि होने के बाद मनिहारी स्थित आजमपुरगोला आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है. शुक्रवार की सुबह मनिहारी थाना अध्यक्ष संतोष कुमार झा ने दिवंगत दारोगा ज्ञानेंद्र अमरेंद्र के पैतृक घर पहुंचकर पीड़ित पिता और परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने मनिहारी पुलिस की ओर से गहरी शोक संवेदना प्रकट करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया.

बेगूसराय सदर अस्पताल में तीनों पुलिस अधिकारियों के शवों का राजकीय सम्मान के साथ पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद, पार्थिव शरीर को उनके गृह जिला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अधिकारियों के अनुसार, दिवंगत ज्ञानेंद्र अमरेंद्र का पार्थिव शरीर शुक्रवार की दोपहर बाद मनिहारी स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचेगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान (गार्ड ऑफ ऑनर) के साथ उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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