बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है. कटिहार जिले की कुर्सेला थाना पुलिस ने पड़ोसी जिले पूर्णिया के टीकापट्टी थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी छापेमारी की है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी में पुलिस ने परीक्षा के प्रश्नपत्र और कॉपियों के साथ बिहार पुलिस के एक जवान सहित तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है. इस घटना के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है, हालांकि पुलिस के आला अधिकारी अभी इस मामले में कुछ भी आधिकारिक कहने से बच रहे हैं.
पूर्णिया के सपहा गांव में बीती रात पुलिस की तबातोड़ दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कटिहार और कुर्सेला पुलिस की संयुक्त टीम ने पूर्णिया पुलिस के समन्वय से यह गुप्त ऑपरेशन चलाया:
- रात में घेराबंदी: शुक्रवार की देर रात कुर्सेला थाना पुलिस सहित अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बल के जवानों ने पूर्णिया जिले के टीकापट्टी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सपहा गांव में एक संदिग्ध ठिकाने पर सघन छापेमारी की.
- जवान समेत तीन हिरासत में: छापेमारी के दौरान मौके से परीक्षा की कॉपियां और प्रश्नपत्र (क्वेश्चन पेपर) बरामद होने की बात सामने आई है. जैसे ही आपत्तिजनक दस्तावेज मिले, पुलिस ने मौके पर मौजूद बिहार पुलिस के एक सक्रिय जवान और दो अन्य लोगों को तत्काल हिरासत में ले लिया.
मद्य निषेध विभाग की परीक्षा से जुड़ रहे हैं तार!
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि बरामद प्रश्नपत्र किसी साधारण परीक्षा के नहीं बताए जा रहे हैं:
- मद्य निषेध परीक्षा की आशंका: सूत्रों और शुरुआती चर्चाओं के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि बरामद किए गए प्रश्नपत्र संभवतः मद्य निषेध विभाग (Prohibition Department) की हालिया परीक्षा से संबंधित हैं. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है.
- सुरक्षा व्यवस्था पर यक्ष प्रश्न: यदि यह सूचना पूरी तरह सच है, तो बिहार की परीक्षा व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े होते हैं. इतनी कड़ी सुरक्षा और जैमर-सीसीटीवी की निगरानी के बीच एक आरोपी जवान परीक्षा केंद्र से हूबहू प्रश्नपत्र और कॉपियां बाहर लेकर कैसे आ गया? क्या इसमें परीक्षा केंद्र के केंद्र अधीक्षक (Center Superintendent) और स्थानीय वीक्षकों की भी मिलीभगत थी?
पूछताछ के लिए थाने पहुंचे एसपी, पत्रकारों से बनाई दूरी
इस संवेदनशील मामले की भनक लगते ही कटिहार के पुलिस कप्तान (SP) परिचय कुमार खुद आनन-फानन में कुर्सेला थाना पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक, एसपी ने हिरासत में लिए गए जवान और अन्य आरोपियों से बंद कमरे में काफी देर तक पूछताछ की. जब थाने पर मौजूद पत्रकारों ने इस पूरे प्रकरण और प्रश्नपत्र लीक की आशंकाओं को लेकर पुलिस कप्तान से सवाल पूछे, तो उन्होंने मामले पर सीधा जवाब देने के बजाय यह कहते हुए पल्ला झाड़ दिया कि वह केवल कुर्सेला थाने के 'नियमित निरीक्षण' (Routinely Inspection) के सिलसिले में यहां आए हैं. बाद में इस संबंध में जब एसपी परिचय कुमार से उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया.
बड़े सिंडिकेट और सफेदपोशों के शामिल होने की आशंका
पुलिस सूत्रों का कहना है कि हिरासत में लिए गए आरोपियों से मिली शुरुआती लीड के आधार पर पुलिस की विशेष टीमें कई अन्य ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं. जानकारों का मानना है कि इस रैकेट के पीछे केवल एक जवान नहीं, बल्कि कई बड़े शिक्षा माफिया, विभागीय अधिकारी और रसूखदार सफेदपोश शामिल हो सकते हैं.
संभवतः पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य मुख्य सरगनाओं और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे प्रकरण का आधिकारिक पटाक्षेप (खुलासा) करेगी. फिलहाल इस कार्रवाई के बाद से परीक्षा माफियाओं के बीच हड़कंप मचा हुआ है.
