कटिहार, कुरसेला. गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में लगातार उफान से कुरसेला प्रखंड में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. प्रखंड क्षेत्र की 40 हजार से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित हो चुकी है. निचले और दियारा क्षेत्र के अधिकांश गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है. कई ग्रामीण सड़कों पर पानी चढ़ने से गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क टूट गया है. बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज किया है, लेकिन कई स्थानों पर विस्थापित परिवार अब भी जरूरी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं.
माल गोदाम में सैकड़ों विस्थापित परिवारों ने ली शरण
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के निर्देश पर कुरसेला रेल माल गोदाम सहित अन्य स्थानों पर सामुदायिक किचन शुरू किया गया है. रविवार को डीएम ने रेल माल गोदाम में शरण लिए बाढ़ विस्थापित परिवारों का जायजा लेकर अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया था. इसके बाद माल गोदाम परिसर में स्वास्थ्य और पशु उपचार शिविर भी शुरू कर दिया गया.
माल गोदाम परिसर में सैकड़ों विस्थापित परिवार शरण लिए हुए हैं. सोमवार को दोपहर 12.30 बजे तक सामुदायिक किचन में भोजन तैयार नहीं हो सका था. मौके पर दोपहर दो से तीन बजे तक भोजन तैयार होने की संभावना जतायी जा रही थी.
प्लास्टिक, सूखा राशन और दूध की मांग
विस्थापित परिवारों ने तंबू लगाने के लिए प्लास्टिक नहीं मिलने की शिकायत की. लोगों का कहना था कि केवल पका हुआ भोजन पर्याप्त नहीं है. प्रशासन को सूखा राशन, चूड़ा-मूढ़ी और छोटे बच्चों के लिए दूध की भी व्यवस्था करनी चाहिए.
महिलाओं ने माल गोदाम परिसर में शौचालय और रोशनी की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की. उनका कहना था कि रात के समय अंधेरे और शौचालय की कमी के कारण महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पुलिया की एप्रोच सड़क पर पानी चढ़ने से आवागमन ठप
बाढ़ के कारण भट्ठा चौक से शेरमारी, चांयटोला और चापर दियारा को जोड़ने वाली पुलिया की एप्रोच सड़क पर पानी चढ़ गया है. इससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है.
घुरना-बल्थी-महेशपुर सड़क सह तटबंध पर मड़कोस नदी का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है. अधिकतर ग्रामीण सड़कों पर पानी फैल जाने से कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क प्रभावित हुआ है.
स्कूलों में पानी घुसने से पढ़ाई ठप
बाढ़ का पानी निचले इलाकों के अधिकांश स्कूलों में भी प्रवेश कर गया है. इसके कारण इन विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हुई है. मधेली के 11 और 12 नंबर ठोकर पर गंगा का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे आसपास के लोगों की चिंता और बढ़ गयी है.
गंगा पार दियारा क्षेत्र में हालात और गंभीर
गंगा पार गोबराही, जरलाही और बटेशपुर दियारा के गांवों में भी बाढ़ ने विकट स्थिति पैदा कर दी है. स्थानीय लोगों के अनुसार दियारा क्षेत्र के कई गांवों में अब तक राहत कार्य शुरू नहीं हो सका है. इन इलाकों में लोगों को आवागमन के साथ भोजन, पशु चारा और अन्य जरूरी सामान की समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
उफान जारी रहा तो और बिगड़ सकते हैं हालात
गंगा और कोसी के जलस्तर में लगातार उफान बने रहने से कुरसेला के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले और दियारा क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. प्रभावित परिवारों ने राहत सामग्री, भोजन, प्लास्टिक, शौचालय, रोशनी और बच्चों के लिए जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है.