Purnea University: कटिहार स्थित टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, जफरबाग सिरसा में प्राचार्य की नियुक्ति को लेकर नया विवाद सामने आया है. कॉलेज प्रबंधन की ओर से 15 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के कुलसचिव को भेजे गए पत्र में नियुक्ति प्रक्रिया की जानकारी देते हुए एनसीटीई प्रपत्र पर प्रतिहस्ताक्षर करने का अनुरोध किया गया है. इसी बीच यह आरोप सामने आया कि नियुक्ति कुलसचिव के बजाय सीसीडीसी के पत्र के आधार पर की गई, जिससे विश्वविद्यालय की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं.
चयन समिति के माध्यम से नियुक्ति का दावा
कॉलेज सचिव शहनवाज जफर के अनुसार बीएड पाठ्यक्रम के लिए रिक्त प्राचार्य पद पर नियुक्ति विश्वविद्यालय द्वारा गठित चयन समिति के माध्यम से 8 फरवरी को पटना में की गई थी. चयन समिति की अनुशंसा के बाद संबंधित प्रपत्र विश्वविद्यालय को भेजा गया. हालांकि नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है.
सीसीडीसी के पत्र पर नियुक्ति को लेकर उठे सवाल
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित बीएड कॉलेजों में प्राचार्य की नियुक्ति से संबंधित पत्र कुलपति की स्वीकृति के बाद कुलसचिव द्वारा जारी किया जाता है. आरोप है कि इस मामले में कुलसचिव के बजाय सीसीडीसी के स्तर से पत्र जारी कर नियुक्ति कर दी गई. इसे लेकर पूरे मामले की जांच की मांग उठ रही है.
अप्रूवल से पहले ही प्राचार्य निभा रहे दायित्व
विश्वविद्यालय से नियुक्ति की अंतिम स्वीकृति नहीं मिलने के बावजूद संबंधित प्राचार्य द्वारा प्रशासनिक दायित्व निभाने की बात भी चर्चा में है. बताया जा रहा है कि वे विभिन्न समितियों में कार्य कर रहे हैं तथा बीएड नामांकन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों पर भी हस्ताक्षर कर रहे हैं. इससे विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
कॉलेज सचिव ने दी सफाई
कॉलेज सचिव शहनवाज जफर ने कहा कि प्राचार्य की स्वीकृति के लिए विश्वविद्यालय को पत्र भेजा गया है और अंतिम अनुमोदन अभी प्राप्त नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि कुलपति के निर्देश पर सीसीडीसी द्वारा पत्र जारी किया गया था. उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय जांच कराता है तो कॉलेज पूरा सहयोग करेगा.
कुलपति बोले- शिकायत मिलने पर होगी जांच
Purnea University: पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने कहा कि यदि इस मामले में लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो विश्वविद्यालय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की जांच कराएगा. उन्होंने कहा कि यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
