कटिहार. राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा आयोजित 90वीं 91वीं व 92 वीं संयुक्त त्रैमासिक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति बैठक वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से आयोजित की गयी. राज्य स्तरीय इस बैठक की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने की. विभागीय सचिव ने सभी बैंकों के महाप्रबंधक के साथ बिहार में बैंकों की प्रदर्शन की तिमाही समीक्षा की. इस समीक्षा में स्थानीय स्तर पर डीएम के निर्देश के आलोक में जिला बैंकिंग प्रशाखा के प्रभारी पदाधिकारी अमरेश कुमार, जिला अग्रणी प्रबंधक एमके मधुकर व डीडीएम नाबार्ड वीसी के माध्यम से शामिल हुए. इस बैठक में तिमाही प्रगति समीक्षा की गयी. इसमें केंद्र का साख व जमा अनुपात, राज्य का साख व जमा अनुपात व जिला का साख व जमा अनुपात मुख्य रूप से शामिल है. उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री ने साख जमा अनुपात सरकार के अपेक्षा अनुरूप नहीं पाये जाने के कारण क्षोभ प्रकट किया और उनके द्वारा बताया गया कि राज्य के बैंकों से अपेक्षा की जाती है कि एनपीए की आंशका से व्यवसायिक ऋण देने में आनाकानी नहीं किया जाये. साथ ही कृषि व सहवर्त्ती क्षेत्र में बैंकों का ऋण बढ़ाने की आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड धारकों की संख्या बढ़ाने की आवश्कता है. इसी क्रम में कटिहार जिला की समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि जिला का साख व जमा अनुपात 75.51 प्रतिशत है. जबकि राज्य का साख व जमा अनुपात 60 प्रतिशत है. इस तरह से राज्य में जिले का सातवां स्थान है. साख जमा अनुपात में प्राइवेट बैंक का अनुपात 260 प्रतिशत है. जबकि सरकारी बैंक का 52 प्रतिशत है. वार्षिक साख योजना में राज्य की वार्षिक उपलब्धि 75 प्रतिशत है. जबकि जिला 36 प्रतिशत है. इसमें जिला की बैंकों को वार्षिक साख योजना मे सुधार लाने का निर्देश दिया गया. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में 380 के विरुद्ध मात्र 162 है, जो संतोषजनक नहीं है. कटिहार जिला में किसान क्रेडिट की स्थिति काफी दयनीय है. जिसमें सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी को किसान क्रेडिट कार्ड बढ़ाने के लिए रूचि लेकर प्रगति करने का निर्देश दिया गया है.
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