सावन के महीने में भी कटिहार जिले के लोगों को मौसम की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. सोमवार सुबह से ही आसमान में घने बादल तो छाए हुए हैं, लेकिन बारिश न होने से उमस और पसीने ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अधिक नमी (ह्यूमिडिटी) के कारण तापमान सामान्य से कहीं अधिक महसूस हो रहा है.
सुबह से उमस का सितम, दोपहर में छाएंगे बादल
मौसम विभाग के अनुसार आज दिनभर मौसम का मिजाज कुछ ऐसा रहेगा:
- तापमान व ह्यूमिडिटी: कटिहार का अधिकतम तापमान 32°C और न्यूनतम तापमान 27°C रहने का अनुमान है. सुबह 8 बजे तापमान 29°C दर्ज किया गया, लेकिन 85% ह्यूमिडिटी के कारण 'Feels Like 37°C' जैसी तपिश महसूस हो रही है.
- हवा की रफ्तार: महज 6 किमी/घंटे की रफ्तार से चल रही हवा के कारण पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा है.
- दोपहर का हाल: दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे दिन में तापमान 31-32 डिग्री तक जाएगा.
शाम 5 बजे के बाद बदल सकता है मौसम, रात में 90% बारिश के आसार
दिनभर उमस के बाद शाम को बारिश से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है:
- शाम 5 से 7 बजे: 40% से 60% संभावना के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है.
- रात 9 से 1 बजे: इस दौरान बारिश होने की संभावना सबसे अधिक 90% तक रहेगी. रात में तापमान गिरकर 28°C तक आ जाएगा.
अगले 4 दिनों के मौसम का हाल (Weekly Forecast)
मौसम विभाग के 5-दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, इस सप्ताह उमस से तुरंत राहत मिलने के आसार कम हैं:
- मंगलवार: अधिकतम 32° / न्यूनतम 27° (गरज के साथ बारिश और वज्रपात संभव).
- बुधवार: अधिकतम 29° / न्यूनतम 27° (तापमान गिरने से उमस में मामूली राहत मिलेगी).
- गुरुवार: अधिकतम 31° / न्यूनतम 27° (एक बार फिर बारिश का दौर लौटेगा).
- शुक्रवार: अधिकतम 32° / न्यूनतम 27° (बारिश व ठनका गिरने की संभावना बनी रहेगी).
उल्लेखनीय है कि जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 64 (संतोषजनक) दर्ज किया गया है, जो सेहत के लिहाज से ठीक है.
डिहाइड्रेशन से बचें, स्वास्थ्य और बचाव संबंधी सलाह
उच्च नमी को देखते हुए मौसम विशेषज्ञों ने आम नागरिकों और किसानों को विशेष सलाह दी है:
- स्वास्थ्य सुरक्षा: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के सूती कपड़े पहनें और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए धूप में जाने से परहेज करें.
- वज्रपात से सावधान: शाम या रात में बारिश के दौरान बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें.
- किसानों के लिए: हल्की बारिश धान व अन्य फसलों के लिए फायदेमंद है, लेकिन खेतों में जलजमाव की स्थिति पर नजर बनाए रखें.
