सीमांचल के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कटिहार शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और जाम की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है. सोमवार को दौलत राम चौक और पानी टंकी चौक पर लगे भीषण जाम ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी, जिससे आम नागरिकों, दफ्तर जाने वालों और स्कूली बच्चों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा. शहर के मुख्य मार्गों पर दोनों तरफ बेतरतीब वाहन पार्किंग और फुटपाथ से लेकर आधी सड़क तक पसरे अतिक्रमण के चलते लोग कुछ मीटर का फासला तय करने के लिए आधे से एक घंटे तक रेंगने को मजबूर हैं. आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर्व के मद्देनजर अगर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो शहर का दम पूरी तरह घुट जाएगा.
न्यू मार्केट: 1 किलोमीटर तक सड़क पर सजीं दुकानें, आधी रह गई चौड़ाई
शहर के सबसे व्यस्त न्यू मार्केट इलाके में अतिक्रमणकारियों ने पूरी तरह पैर पसार रखे हैं. लगभग एक किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क पर फल, सब्जी और अन्य सामग्रियों के ठेले-खोमचे सुबह से लेकर देर रात तक अवैध रूप से जमे रहते हैं. सड़क के दोनों किनारों पर अनधिकृत कब्जे के कारण मुख्य मार्ग की प्रभावी चौड़ाई घटकर आधी से भी कम रह गई है. पैदल चलने वाले राहगीरों को भी जान जोखिम में डालकर वाहनों के बीच से गुजरना पड़ रहा है.
इन प्रमुख चौराहों पर दिनभर रेंगते रहे वाहन
शहर का कोई भी ऐसा प्रमुख इलाका नहीं बचा है जहां जाम का दंश न झेलना पड़ रहा हो:
- दौलत राम चौक व पानी टंकी चौक: सोमवार को यहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे चारों दिशाओं का आवागमन ठप हो गया.
- एमजी रोड और कालीबाड़ी रोड: दुकानों के आगे ग्राहकों और दुकानदारों की अनियंत्रित वाहन पार्किंग से दिनभर जाम बना रहा.
- मिरचाईबाड़ी व बिनोदपुर: कोचिंग संस्थानों और रिहायशी दबाव के कारण सड़कों पर वाहनों का भारी जमावड़ा देखा गया.
- बनिया टोला चौक: संकरी सड़क पर बेतरतीब दोपहिया व चारपहिया वाहनों के खड़े रहने से जाम गंभीर हो गया.
इमरजेंसी सेवाओं पर ब्रेक: फंसीं एंबुलेंस और स्कूली बसें
जाम का सबसे संवेदनशील और दर्दनाक पहलू यह है कि जीवनरक्षक एंबुलेंस और मासूम बच्चों से भरी स्कूली बसें भी घंटों सायरन बजाते हुए फंसी रह रही हैं. समय पर अस्पताल न पहुंच पाने से मरीजों की जान पर बन आती है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब आम दिनों में यह स्थिति है, तो त्योहारी सीजन में जब ग्रामीण इलाकों से हजारों खरीदार बाजार पहुंचेंगे, तब पैदल चलना भी दूभर हो जाएगा.
नगर निगम की चुप्पी पर भड़के शहरवासी, ठोस अभियान की मांग
शहरवासियों का सीधा आरोप है कि नगर निगम प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है और अतिक्रमणकारियों पर आंखें मूंदे हुए है. प्रशासन की इसी ढिलाई के चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं. पूर्व में चलाए गए दिखावे के अभियानों के कुछ ही दिनों बाद स्थिति दोबारा जस की तस हो जाती है. नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन व नगर निगम से मांग की है कि:
- त्योहारों से पहले शहर के प्रमुख मार्गों पर वृहद एंटी-एनक्रोचमेंट ड्राइव (अतिक्रमण हटाओ अभियान) चलाया जाए.
- नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने वालों पर भारी जुर्माना और टोइंग की सख्त व्यवस्था लागू हो.
- व्यस्त चौराहों पर पर्याप्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की राउंड-द-क्लॉक तैनाती कर सुगम यातायात सुनिश्चित किया जाए.