कटिहार से राज किशोर चौरसिया की रिपोर्ट
Katihar Sadar Hospital: कटिहार जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सूचना सामने आई है. रविवार को साप्ताहिक अवकाश (Sunday Holiday) होने के कारण अस्पताल की बाह्य रोगी विभाग यानी ओपीडी (OPD) सेवा पूरी तरह बंद रहेगी. अस्पताल प्रबंधन ने आम नागरिकों और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों से अपील की है कि वे सामान्य सर्दी-खांसी, रूटीन चेकअप या सामान्य चिकित्सीय परामर्श के लिए रविवार के बजाय सोमवार को अस्पताल का रुख करें. हालांकि, किसी भी अप्रिय स्थिति या आकस्मिक चिकित्सा के लिए अस्पताल की इमरजेंसी विंग 24 घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ चालू रहेगी.
इमरजेंसी डॉक्टरों का त्रिकोणीय ड्यूटी रोस्टर; तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगे चिकित्सक
रविवार सुबह से लेकर सोमवार सुबह तक आपातकालीन वार्ड में आने वाले मरीजों के त्वरित इलाज के लिए सिविल सर्जन व अस्पताल उपाधीक्षक द्वारा जारी किया गया आधिकारिक डॉक्टर ड्यूटी रोस्टर निम्नलिखित है:
- सुबह की शिफ्ट (सुबह 08:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक): इस पहली पाली में डॉ. एसपी विनकर इमरजेंसी वार्ड में कमान संभालेंगे और मरीजों का इलाज करेंगे.
- दोपहर की शिफ्ट (दोपहर 02:00 बजे से रात 09:00 बजे तक): दूसरी पाली के दौरान डॉ. निकेश कुमार आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात रहेंगे.
- रात की शिफ्ट (रात 09:00 बजे से सोमवार सुबह 08:00 बजे तक): इस अंतिम और नाइट शिफ्ट में डॉ. दीपक कुमार ऑन-ड्यूटी रहकर रात में आने वाले मरीजों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं देंगे.
गंभीर स्थिति में तुरंत पहुंचे अस्पताल; निशुल्क मिलेंगी दवाइयां व प्राथमिक उपचार
इन गंभीर लक्षणों वाले मरीजों को मिलेगी प्राथमिकता: अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि रविवार को ओपीडी बंद रहने की वजह से परिसर में अनावश्यक भीड़-भाड़ नहीं होगी, जिसका सीधा फायदा इमरजेंसी में आने वाले अत्यंत गंभीर मरीजों को मिलेगा. डॉक्टर बिना किसी देरी के गंभीर रोगियों को अटेंड कर सकेंगे.
इन आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत आएं इमरजेंसी:
यदि किसी व्यक्ति को अचानक निम्नलिखित में से कोई भी गंभीर समस्या होती है, तो उसे बिना वक्त गंवाए सीधे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दाखिल कराया जा सकता है:
- गंभीर सड़क दुर्घटना (Road Accident) या गहरे जख्म की स्थिति में.
- प्रसव पीड़ा (Delivery/Maternity) या गर्भवती महिलाओं से जुड़ी आपात स्थिति में.
- अचानक सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ (Breathing Issues) या दमा का दौरा पड़ने पर.
- बेहोशी की हालत, अचानक आए दौरे या पैरालिसिस के लक्षण दिखने पर.
- बच्चों या बुजुर्गों को अत्यधिक तेज बुखार या लगातार हो रही उल्टी-दस्त की स्थिति में.
- सीने में तेज दर्द (Chest Pain) या दिल का दौरा पड़ने की आशंका होने पर.
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, आपातकालीन वार्ड में जीवन रक्षक दवाएं (Life-Saving Drugs), आवश्यक पैथोलॉजिकल जांच, एक्स-रे और प्राथमिक उपचार (First Aid) की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह निशुल्क और मुस्तैद रखी गई हैं, ताकि रविवार के दिन भी किसी मरीज की जान पर कोई आंच न आए.
