26 साल के संगम कुमार बने कटिहार के पहले जिलाध्यक्ष, लाइब्रेरियन आंदोलन को मिलेगी नई रफ्तार

Katihar News : कटिहार के युवा संगम कुमार को मिली बड़ी जिम्मेदारी. 26 साल की उम्र में संभाली ऑल बिहार ट्रेंड लाइब्रेरियन एसोसिएशन की कमान, रिक्त पदों पर बहाली को बनाएंगे बड़ा मुद्दा.

कटिहार से राणा सिंह की रिपोर्ट.

Katihar News : कटिहार के महंत नगर निवासी संगम कुमार ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ऑल बिहार ट्रेंड लाइब्रेरियन एसोसिएशन के कटिहार जिला अध्यक्ष का पद संभाल लिया है. महज 26 वर्ष की उम्र में यह जिम्मेदारी पाने वाले वह जिले के पहले अध्यक्ष बने हैं. संगठन के इस फैसले को पुस्तकालय आंदोलन और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

युवा नेतृत्व को मिला बड़ा मंच

राज्यव्यापी संगठनात्मक पुनर्गठन के तहत ऑल बिहार ट्रेंड लाइब्रेरियन एसोसिएशन ने कटिहार जिले में नए नेतृत्व की घोषणा की. संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विकास चंद्र सिंह ने संगम कुमार की सक्रियता, पुस्तकालय विकास के प्रति समर्पण और युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी.

संगम कुमार, विभूति कुमार मंडल और स्वीटी रानी के पुत्र हैं. पुस्तकालय व्यवस्था को मजबूत करने और लाइब्रेरियन समुदाय की समस्याओं को उठाने में उनकी सक्रिय भूमिका को संगठन ने विशेष महत्व दिया है.

सम्मान समारोह में मिली शुभकामनाएं

नियुक्ति के बाद आयोजित सम्मान समारोह में शिक्षाविदों, समाजसेवियों और संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई दी. समारोह में बिहार पुलिस एसोसिएशन के मृत्युंजय कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. वहीं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की प्रॉक्टर कृति और नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी की कोऑर्डिनेटर निरुपमा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं.

वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि युवा नेतृत्व के रूप में संगम कुमार पुस्तकालय क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे और संगठन को नई दिशा देंगे.

रिक्त पदों पर बहाली बनेगी सबसे बड़ी प्राथमिकता

नवनियुक्त जिलाध्यक्ष संगम कुमार ने कहा कि बिहार के सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरियन के बड़ी संख्या में पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं. इससे शिक्षा व्यवस्था और पुस्तकालय सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

उन्होंने बताया कि जल्द ही जिला स्तरीय शिक्षित समिति का गठन किया जाएगा और रिक्त पदों पर बहाली के लिए सरकार के समक्ष मजबूत आवाज उठाई जाएगी. इसके साथ ही पुस्तकालयों को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा.

लाइब्रेरियनों के अधिकारों की लड़ाई होगी मजबूत

संगम कुमार ने कहा कि लाइब्रेरियन केवल पुस्तकों के संरक्षक नहीं, बल्कि ज्ञान और शिक्षा के महत्वपूर्ण वाहक हैं. संगठन न्यूनतम वेतन निर्धारण, बेहतर कार्य वातावरण और सम्मानजनक सुविधाओं की मांग को लेकर भी अभियान चलाएगा. उनका मानना है कि मजबूत पुस्तकालय व्यवस्था ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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