बारसोई (कटिहार) से अरविन्द गुप्ता की रिपोर्ट.
Katihar News : कटिहार जिले के बारसोई में बिजली व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. रविवार को बिना किसी पूर्व सूचना के करीब सात घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही. शाम को लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी, लेकिन बिजली आते ही धानहट्टी स्थित ट्रांसफार्मर के केबल में आग लग गई. इसके बाद पूरी रात उपभोक्ताओं को गर्मी, उमस और मच्छरों के बीच परेशानी झेलनी पड़ी. स्थानीय लोगों ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
राहत मिली, लेकिन कुछ ही मिनटों में बढ़ गई परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार रविवार दोपहर से ही बारसोई के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप थी. लगातार बढ़ती गर्मी के बीच लोग बिजली बहाल होने का इंतजार कर रहे थे. शाम करीब सात बजे बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन यह राहत महज 10 से 15 मिनट ही टिक सकी. धानहट्टी स्थित ट्रांसफार्मर के केबल में अचानक आग लगने से बिजली आपूर्ति फिर बाधित हो गई.
रातभर अंधेरे में गुजरा समय
बिजली संकट की सूचना मिलते ही उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत की. हालांकि घंटों इंतजार के बाद रात करीब 11:30 बजे आपूर्ति बहाल की जा सकी. लेकिन मरम्मत के बाद भी ट्रांसफार्मर का एक फेज चालू नहीं हो पाया. इससे जुड़े दर्जनों घरों और दुकानों में पूरी रात बिजली नहीं रही. सोमवार सुबह तक भी संबंधित फेज की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी.
बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की बढ़ी मुश्किल
लगातार बिजली नहीं रहने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हुई. कई घरों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित रही. व्यापारियों का कहना है कि बिजली संकट के कारण उनके व्यवसाय पर भी असर पड़ा. गर्मी और उमस के कारण लोगों को पूरी रात जागकर समय बिताना पड़ा.
विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नियमित रखरखाव और निगरानी के अभाव में बारसोई की बिजली व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है. कभी मामूली हवा में बिजली गुल हो जाती है तो कभी ट्रांसफार्मर और केबल में खराबी से पूरा इलाका प्रभावित हो जाता है. लोगों ने बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड, ऊर्जा विभाग और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारने की मांग की है.
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