मनिहारी गंगा घाट पर बड़ा हादसा टला, कारगिल दियारा जा रही नाव डूबी, 11 यात्रियों की बची जान

कटिहार जिले के मनिहारी गंगा घाट पर बुधवार की शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. कारगिल दियारा जा रही एक छोटी नाव गंगा नदी में अचानक डूब गई. नाव पर सवार महिलाओं और बच्चों समेत कुल 11 यात्रियों को स्थानीय युवकों और गोताखोरों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. सभी घायलों का अस्पताल में उपचार कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया.

मनिहारी (कटिहार) से राजेश कुमार की रिपोर्ट

Katihar News : कटिहार जिले के मनिहारी गंगा घाट पर बुधवार देर शाम एक बड़ा हादसा टल गया. पीर मजार घाट से कारगिल दियारा के लिए रवाना हुई एक छोटी नाव गंगा नदी में डूब गई. नाव पर महिलाएं और बच्चों सहित कुल 11 लोग सवार थे. हालांकि स्थानीय युवकों, गोताखोरों और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के कारण सभी यात्रियों की जान बचा ली गई.

जानकारी के अनुसार शाम करीब छह बजे नाव पीर मजार घाट से कारगिल दियारा के लिए निकली थी. घाट से कुछ दूरी तय करने के बाद अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह गंगा की धारा में डूबने लगी. देखते ही देखते नाव में सवार लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी.

नाव डूबते ही चार यात्री अपनी जान बचाने के लिए तैरकर बाहर निकल आए. इनमें मनोज महतो, सुदामा कुमार, राहुल कुमार और दशरथ नयाटोला शामिल हैं. वहीं शेष सात लोगों को डूबता देख घाट पर मौजूद स्थानीय युवक और गोताखोर तुरंत नदी में कूद पड़े. काफी मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और नाव के जरिए वापस मनिहारी घाट लाया गया.

Katihar News : सूचना पर पहुंचे अधिकारी, ली जानकारी

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। सभी 11 यात्रियों को एंबुलेंस से मनिहारी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने सभी को सुरक्षित बताया। हादसे की खबर मिलते ही एसडीएम त्रिलोकी नाथ सिंह, एसडीपीओ विनोद कुमार, सीओ निहारिका, बीडीओ सनत कुमार और थानाध्यक्ष संतोष कुमार झा मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया।

एसडीएम त्रिलोकी नाथ सिंह ने बताया कि छोटी नाव डूबने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। कुछ लोग स्वयं तैरकर बाहर निकल आए, जबकि बाकी यात्रियों को स्थानीय युवकों और गोताखोरों ने सुरक्षित बचा लिया. उन्होंने कहा कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं.

नाव परिचालन की सुरक्षा को ले उठे सवाल

घटना के बाद गंगा घाट पर नाव परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर और बिना लाइफ जैकेट के नावों का संचालन किया जाता है. एसडीएम ने स्पष्ट किया कि देर शाम नाव परिचालन, ओवरलोडिंग और बिना सुरक्षा उपकरणों के नाव चलाने पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित नावों का ही उपयोग करने और निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है.

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