सावन महीने की पहली सोमवारी पर सोमवार को कटिहार शहर पूरी तरह से भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया. सुबह तड़के से ही "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा. शहर के तमाम छोटे-बड़े शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन-अर्चन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
सुबह 4 बजे से ही शिव मंदिरों में जुटने लगे श्रद्धालु
तड़के सुबह 4 बजे से ही शिवभक्त हाथों में जल, दूध और पूजन सामग्री लेकर मंदिरों की ओर प्रस्थान करने लगे थे:
- प्रमुख मंदिरों में भीड़: शहर के शिव मंदिर चौक, दौलतराम चौक, खूबेश्वर मंदिर, हवाई अड्डा चौक, बाटा चौक, अनाथालय रोड, जीआरपी चौक, पंचवटी मंदिर तथा बीएमपी-7 स्थित शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहा.
- कतारबद्ध दर्शन: भीड़ के कारण कई स्थानों पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं को 2 से 3 घंटे तक कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा.
मनिहारी से गंगाजल लाकर कांवरियों ने किया जलाभिषेक
सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर बड़ी संख्या में कांवरिए मनिहारी गंगा घाट से पवित्र गंगाजल लेकर कटिहार पहुंचे:
- गेरुआ वस्त्रों में सजे कांवरियों के "बोल बम" के नारों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया.
- श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा, फूल और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की मन्नतें मांगी.
- व्रत रखने वाली कुंवारी कन्याओं और महिलाओं की संख्या मंदिरों में विशेष रूप से अधिक देखी गई.
बाजारों में बढ़ी सावन की रौनक, फलों के दाम में उछाल
पहली सोमवारी के कारण शहर के बाजारों में भी खासा उत्साह और चहल-पहल देखने को मिली:
- पूजा सामग्री की बिक्री: मंदिर परिसरों के बाहर बेलपत्र, फूल-माला, दूध और धूप-अगरबत्ती की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही.
- फलों की मांग: श्रद्धालुओं द्वारा निर्जला और फलाहारी उपवास रखने के कारण सेब, केले, अमरूद आदि मौसमी फलों की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में दोगुनी हो गई.
सुरक्षा और ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम
भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रमुख मंदिरों के आसपास दंडाधिकारी व पुलिस बल तैनात किए गए थे:
- स्वयंसेवकों की पहल: विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी और प्रसाद की व्यवस्था की गई.
- अगली सोमवारी की तैयारी: पहली सोमवारी की अपार सफलता और भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों ने आगामी सोमवारों के लिए और बेहतर व्यवस्था करने की तैयारी शुरू कर दी है.
