बलिया बेलौन मनरेगा योजना का नाम बदल कर जी रामजी योजना रखें जाने के बाद से मजदूरों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. मुखिया संघ अध्यक्ष सह बेलौन मुखिया मेराज आलम ने बताया की मनरेगा के बाद जी रामजी योजना में कार्य बंद रहने से मजदूर पलायन करने को विवश हो रहे है. पंचायतों में 20 योजना आन गोइंग लागू रहने के कारण भी मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है. मजदूरों ने बताया की सभी श्रम कार्ड धारकों का केवाईसी कराया जा रहा है. जिससे योजना में काम नहीं मिल रहा है. श्रमिकों का केवाईसी इतनी धीमी गति से हो रहा है की सभी का केवाईसी पूर्ण होने में महीनों लग सकता है. ऐसे में मजदूरों ने काम की तलाश में प्रदेश जाने लगे है. मुखिया संघ अध्यक्ष ने बताया की बिहार जैसे पिछड़े राज्य से मजदूरों का पलायन घटने के बजाय बढ़ रहा है. महत्वपूर्ण मनरेगा योजना में तरह तरह की पाबंदी लगाये जाने से मजदूर मनरेगा में काम करने से कतराने लगे है. उन्होंने कहा की मजदूर विरोधी निति के कारण मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रहा है. जिसके कारण मजदूरों के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. इस मामले पर पंचायती राज विभाग को गंभीरता से विचार करना होगा.
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