बारसोई बारसोई प्रखंड में जीविका से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार का नया अवसर खुला है. सागर जीविका महिला संकुल संघ की दीदियों को आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के लिए वस्त्र सिलाई का कार्य दिया गया है. इस पहल से जहां आंगनबाड़ी के बच्चों को समय पर वस्त्र उपलब्ध होंगे. वहीं स्थानीय महिलाओं को स्थायी रोजगार का अवसर भी मिल रहा है. सागर जीविका महिला संकुल संघ, आबादपुर से जुड़ी कई स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं इस कार्य में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं. जीविका दीदियां मिलकर बड़े पैमाने पर आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए कपड़ों की सिलाई कर रही हैं. इस कार्य से महिलाओं की आय में बढ़ोतरी हो रही है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही हैं. इस कार्य में जुटी महिलाओं ने बताया कि पहले सीमित आय के कारण आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन जीविका से जुड़ने के बाद उन्हें रोजगार के साथ-साथ आत्मविश्वास और सम्मान भी मिला है. अब वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं. जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) हिमांशु शेखर ने बताया कि जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सागर जीविका महिला संकुल संघ की दीदियों द्वारा आंगनबाड़ी बच्चों के लिए वस्त्र सिलाई का कार्य महिला सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है. इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सामुदायिक सहभागिता भी मजबूत हो रही है. आने वाले समय में इस तरह की पहलों को और अधिक बढ़ावा दिया जायेगा. स्थानीय लोगों एवं जीविका पदाधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन रहा है. इससे यह साबित हो रहा है कि संगठित होकर महिलाएं न केवल अपने परिवार बल्कि समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं
बारसोई में आंगनबाड़ी बच्चों के लिए वस्त्र सिलाई से जीविका को मिला रोजगार
बारसोई में आंगनबाड़ी बच्चों के लिए वस्त्र सिलाई से जीविका को मिला रोजगार
