डंडखोरा (कटिहार) से संजय सिंह की रिपोर्ट
Itwa Ghat Road Damaged: कटिहार जिला अंतर्गत डंडखोरा प्रखंड की डंडखोरा पंचायत से ग्रामीण सड़कों की बदहाली और प्रशासनिक उपेक्षा की एक बेहद चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है. बांका चौक मुख्यमंत्री सड़क से नयाटोला गांव होते हुए इटवा घाट प्रधानमंत्री सड़क को आपस में जोड़ने वाली लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी ईंट सोलिंग (सोलिंग मार्ग) सड़क रखरखाव के अभाव में पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. सड़क के नाम पर अब केवल नुकीली ईंटें और जानलेवा खाईनुमा गड्ढे ही बचे रह गए हैं. इस लाइफलाइन सड़क की बदहाली के कारण क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों, किसानों, स्कूली छात्र-छात्राओं और दैनिक राहगीरों को प्रतिदिन हिचकोले खाते हुए जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है.
नुकीली ईंटें और बड़े-बड़े गड्ढे; बारिश में ‘टापू’ बन जाता है नयाटोला
- वर्षों से नहीं हुई मरम्मत: स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क का निर्माण वर्षों पूर्व हुआ था. समय पर कालीकरण (पक्कीकरण) न होने और प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब सड़क के बीच से मिट्टी पूरी तरह बह गई है और ईंटें उखड़कर बिखर चुकी हैं.
- हादसों को न्योता: सड़क पर बने 1 से 2 फीट गहरे गड्ढों के कारण आए दिन बाइक सवार, ई-रिक्शा और साइकिल चालक असंतुलित होकर गिर रहे हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं.
- आगामी मानसून का खौफ: चूंकि मानसून सत्र शुरू होने वाला है, ग्रामीणों को डर है कि थोड़ी सी भी बारिश होने पर यह पूरी डेढ़ किलोमीटर की सड़क जलमग्न (कीचड़ और पानी से सराबोर) हो जाएगी, जिससे नयाटोला गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट जाएगा.
आक्रोशित ग्रामीणों का प्रशासनिक और राजनीतिक तंत्र पर कड़ा आरोप
चुनावी वादों तक सीमित रहे जनप्रतिनिधि: स्थानीय निवासी दिलीप सोरेन, हरदेव सोरेन, ताल्लु हांसदा और सुरेंद्र सोरेन ने संयुक्त रूप से आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले माननीय सांसद, क्षेत्रीय विधायक और स्थानीय त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के बाद इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग की सुध लेना पूरी तरह भूल गए हैं.
ग्रामीणों का आरोप है कि इस बदहाल मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला प्रशासन और संबंधित ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) के अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन देकर ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस या सकारात्मक पहल नहीं की जा सकी है.
सड़क निर्माण न होने पर आंदोलन की कड़क चेतावनी:
डंडखोरा पंचायत के प्रबुद्ध नागरिकों और प्रभावित किसानों ने कटिहार जिला प्रशासन, जिलाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सामूहिक रूप से पुरजोर मांग की है कि:
- अविलंब पुनर्निर्माण: इस डेढ़ किलोमीटर लंबी ईंट सोलिंग सड़क को उच्च प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पक्की (पिचिंग) सड़क में तब्दील किया जाए.
- अस्थाई मरम्मत: मानसून की भारी बारिश शुरू होने से पहले तात्कालिक राहत के रूप में गड्ढों में राबिश (ईंट के टुकड़े) और बालू डलवाकर इसे चलने योग्य बनाया जाए.
ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उनकी जायज मांगों पर कड़ा संज्ञान नहीं लिया और सड़क निर्माण की दिशा में त्वरित विभागीय कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो वे आने वाले दिनों में चक्का जाम कर उग्र आंदोलन और प्रदर्शन करने को विवश होंगे.
