फलका सुशासन सप्ताह के तहत प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के तहत शिविर का आयोजन किया जा रहा है. प्रशासन की लापरवाही व उदासीनता के कारण शिविर लाभ आमजन तक नहीं पहुंच पा रहा है. शुक्रवार को फलका प्रखंड के गोविंदपुर व सोहथा दक्षिण पंचायत में क्रमशः पंचायत सरकार भवन व मनरेगा भवन में शिविर होना था. जनप्रतिनिधि का आरोप है कि शिविर कागज पर आयोजित की गयी. तीन बजे दिन में अचानक जिला से शिविर करने का आदेश प्राप्त हुआ था. गोविन्दपुर पंचायत के पंचायत सचिव मिथिलेश कुमार ने बताया कि शिविर आयोजित हुई थी. 11 आवेदन प्राप्त हुआ था. लेट से सूचना प्राप्त होने के कारण मुखिया को सूचना नहीं कर पाये थे. जब उन से शिविर का फोटो मांगा गया तो वह फोटो देने में असमर्थता जतायी. हाल सोहथा दक्षिण पंचायत का रहा मुखिया प्रतिनिधि अमित गुप्ता ने बताया कोई सूचना ही नहीं था. पिरमोकाम पंचायत भवन में आयोजित की गई थी. प्रचार प्रसार के अभाव के कारण यहां महज छह लोग पहुंचे थे. रहटा पंचायत में सरकार भवन में आयोजित शिविर में 46 आवेदन शौचालय निर्माण के शेष छह आवेदन पेंशन और जन्म मृत्यु से संबंधित कुल 51 आवेदन प्राप्त हुआ है. मुखिया संघ के अध्यक्ष राजेश रंजन ने बताया कि एक तो प्रचार- प्रसार का अभाव रहा दूसरी तरफ कड़ाके के ठंड के कारण शिविर का फायदा लोगों को नहीं मिल पा रहा है. शिविर में अधिक संख्या में नहीं पहुंच रहे हैं. सभी शिविर का बीपीआरओ सह पंचायती राज पदाधिकारी सुश्री अंशु प्रिया को अपने देख रेख में कराने आदेश प्राप्त है. कहते है बीडीओ प्रखंड विकास पदाधिकारी सौरव कुमार सन्नी ने बताया की गोविन्दपुर पंचायत के शिविर में स्वयं उपस्थित था. आयोजित सभी शिविर के लिए नोडल पदाधिकारी के रूप में बीएपीआरो सुश्री अंशु प्रिया को बनाया गया है. ठंड के कारण शिविर में लोग कम पहुंच पा रहा है.
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