– होली की खरीददारी को लेकर बाजार हुआ गुलजार कटिहार होली पर्व को लेकर बाजार में रंग का परवान चढ़ने लगा है. पूरे बाजार में होली पर्व को लेकर सभी दुकानें सजने लगी है. इस वर्ष रंगों का त्योहार होली अपने अपने अंदाज़ में मनाने के लिए तैयारियां भी शुरू हो गई है. होली चार मार्च को मनाया जायेगा. जबकि दो मार्च को होलिका दहन किया जायेगा. त्यौहार का चढ़ता रंग और उमंग अभी से ही बाजार में दिखने लगा है. होली के पिचकारी, रंग बिरंगे रंग व गुलाल से पूरा दुकान रंगींन होने लगा है. चारों तरफ होली की धूम भी मचनी शुरू हो गयी. खरीदारी को लेकर लोग बाजार पहुंच रहे है. दुकानदारों ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है. शहर के फल पट्टी में सभी थोक रिटेल विक्रेता होली संबंधित सामानों की बिक्री खूब हो रही है. हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी होली को लेकर कई आकर्षक साजो समान बाजार में उपलब्ध है. शहर के हर चौक चौराहों पर दुकान सज चुकी है. जबकि खासकर बच्चों के लिए कई नए मुखोटे तो कई रंगीन बाल, तो कई स्टाइलिस्ट चश्मे गुलाल की आतिशबाजी को लेकर पटाखे भी बाजार में उपलब्ध है. इस बार बाजार में 20 से लेकर 500 रु तक के पिचकारी उपलब्ध है. बच्चों के लिए वही पुराना डोरेमोन, छोटा भीम, स्पाइडर मैन, मोटू पतलू की पिचकारी इस बार भी बाजार में अपनी जगह बनाए हुई हैं. बड़ा बाजार में होगा 126 वां होलिका दहन बड़ा बाजार में इस वर्ष 126 वां होलिका दहन करने की तैयारी पूरी कर ली गई है. बड़ा बाजार हाट होलिका दहन समिति की ओर से सोमवार को मध्य रात्रि होलिका दहन किया जायेगा. बड़ा बाजार हाट होलिका दहन समिति के संयोजक राजकुमार मुरारका ने बताया कि शहर के विद्वान पंडित के द्वारा पूरे विधि विधान के साथ सोमवार रात्रि को होलिका दहन पूजा संपन्न किया जायेगा. सोमवार को सुबह 10:30 बजे स्तंभ रोपण किया जायेगा. रात्रि 12:35 बजे होलिका दहन किया जायेगा. इस वर्ष भी बड़े ही हर्षोल्लास और परंपरागत तरीके से बड़ा बाजार में होलिका दहन किया जायेगा. गुगल से नहीं शास्त्र व पंचाग से चलता है व्रत त्योहार, राम कन्हाई आचार्य डॉ राम कन्हाई शास्त्री ने बताया की व्रत और त्योहार गुगल से नहीं बल्कि शास्त्र व पंचाग से चलता है. उन्होंने बताया की होलिका दहन में समय को लेकर एकरुपता नहीं है. लेकिन होली में कोई मतभेद नहीं है. सभी विचारों से चार मार्च को होली का त्योहार है. बात होलिका का तो यह पूर्णिमा में होता है. उसके बाद चैत्र प्रतिपदा को होली होता है. पूर्णिमा तिथि का शुरुआत दो मार्च को सुबह 5.32 से पूर्णिमा शुरू होकर तीन मार्च को 4:45 अपराह्न में समाप्त हो रही है. होलिका दहन के समय में पूर्णिमा तिथि का होना भद्रा का रहित होना तथा सूतक काल में नहीं होने का तथा नहीं मनाने की साक्ष्य से शास्त्र भरा हुआ है. दूसरी बात तीन मार्च को चन्द्र ग्रहण भी है. शाभ 5:50 से 6.46 शाम तक तथा रात्रि में पूर्णिमा भी नहीं रहेगा. चंग गीतों से होली का माहौल हो रहा है तैयार होली के 15 दिन पूर्व से ही शहर में चंग गीतों से होली का परवान चढ़ना शुरू हो गया है. खास करके मारवाड़ी समाज चंग के जरिए पूरे शहर में होली का माहौल तैयार करते हैं. गीत संगीत और ढोल, तबले की धुन पर फगवा गीतों से होली का माहौल तैयार किया जा रहा है. 15 दिन पूर्व से ही मारवाड़ी समाज का एक समूह हर किसी के संध्या घर पहुंचकर चंग के जरिए होली के गीतों से पूरा माहौल बना रहे हैं. चंग के जरिए गीत संगीत से नाचते झूमते एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाते हुए होली की बधाई देते हैं. होली को लेकर प्रदेश से हो रही लोगों की घर वापसी प्रदेश कमाने गये लोगों की इन दिनो घर वापसी हो रही है. हिंदू धर्म में होली का त्यौहार उमंग का त्यौहार माना जाता है. खास कर के होली, दुर्गा पूजा, छठ को लेकर लोगों में गजब का उत्साह रहता है. प्रदेश कमाने के लिए गए हुए लोग खासकर के होली और छठ में जरूर घर वापसी करते हैं. सभी अपने पूरे परिवार के साथ इस त्योहार को मनाते हैं. इसलिए इन दिनों प्रदेश से आने वाली ट्रेनों में लोगों की भीड़ देखी जा रही है. सभी होली पर्व को लेकर अपने घर वापसी कर रहे हैं.
होलिका दहन दो मार्च की रात्रि तो होली चार मार्च को मनाया जायेगा
होलिका दहन दो मार्च की रात्रि तो होली चार मार्च को मनाया जायेगा
