कटिहार : आजमनगर प्रखंड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है. लगातार वर्षा से खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे धान की खेती को नई ऊर्जा मिली है. इसका सबसे अधिक लाभ उन किसानों को मिल रहा है, जो धान की रोपाई और बुआई में जुटे हुए हैं.
प्रखंड के विभिन्न गांवों में किसान सुबह से ही अपने परिवार और मजदूरों के साथ खेतों में धान की रोपाई करते नजर आए. खेतों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने से रोपाई कार्य में तेजी आई है. किसानों का कहना है कि समय पर हुई अच्छी बारिश से इस वर्ष सिंचाई की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है. पहले बारिश नहीं होने से किसान चिंतित थे, लेकिन अब लगातार वर्षा ने उनकी उम्मीदों को फिर से मजबूत कर दिया है.
स्थानीय किसान नासिर हुसैन ने बताया कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह संतुलित बारिश होती रही तो धान की पैदावार बेहतर होने की पूरी संभावना है. इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और डीजल पंप व अन्य सिंचाई साधनों पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचेगा.
हालांकि कुछ किसानों ने आशंका जताई कि यदि अत्यधिक बारिश हुई तो खेतों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने प्रशासन से जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके.
कृषि विशेषज्ञों ने भी समय पर हुई बारिश को धान की फसल के लिए लाभदायक बताया है. उन्होंने किसानों को खेतों में जल स्तर का संतुलन बनाए रखने, कृषि विभाग की तकनीकी सलाह का पालन करने तथा समय-समय पर फसल का निरीक्षण करते रहने की सलाह दी है, ताकि कीट एवं रोगों से फसल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र में कृषि गतिविधियां तेज हो गई हैं और किसान इस बार धान की बेहतर पैदावार की उम्मीद लगाए हुए हैं. यदि मौसम इसी प्रकार अनुकूल बना रहा तो इसका लाभ किसानों के साथ-साथ स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा.
