आबादपुर हज का मतलब है अल्लाह के घर की जियरात करना. हज इस्लाम धर्म के बताये गये पांच अरकानों में से एक अहम स्तम्भ है. इस्लाम के मानने वाले प्रत्येक लोगों की यह दिली ख्वाहिश होती है कि वे अपने जीवन में एक बार मक्का-मदीना की जियारत जरूर करें. उक्त बातें शुक्रवार की शाम बारसोई प्रखंड स्थित विभिन्न ग्रामों से हज को जा रहे जायरिनों ने रवानगी के मौके पर कही. मौके पर परिवार वालों, रिश्तेदारों व शुभचिंतकों ने हज को जा रहे जायरिनों से बारी-बारी से गले लगकर उन्हें फूल मालाओं सेे नवाजा व उनकी खैर एवं सलामती की दुआएं मांगी. हज यात्रियों से मदीना पहुंचकर मदीना वालों से सलाम कहने की गुजारिश की. रवानगी के मौके पर हज यात्रियों ने पाक परवर दिगार की बारगाह में हाथ उठाकर मुल्क की तरक्की व अमन-चैन की दुआएं मांगी. साथ ही मुल्क के हर बला से महफूज रखने की दरख्वास्त की. मौके पर क्षेत्र के नयाटोला बेलवा से हुसैन अली, अमीना खातून, झालो खातून, अंजुरा खातून, रइफत, गोवालटोली से डॉ जावेद, नूरत जहां, बसिरुद्दीन, नूरसबा, डॉ नैयर आलम, अरमीना खातून, हबिबूल्लाह, छोगरा से अनबरी बेगम, लगुवा से ईमराना खातून, अब्दुल बारी हज को रवाना हुए.
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