कटिहार के मनसाही से ललित कुमार की रिपोर्ट
Kamla River Bridge: कटिहार जिले के मनसाही प्रखंड अंतर्गत दो महत्वपूर्ण पंचायतों और दो बड़े प्रखंडों (मनसाही व मनिहारी) की लाइफलाइन माने जाने वाले गोबरा घाट कमला नदी पर पुल निर्माण की सदियों पुरानी मांग अब धरातल पर उतरती दिख रही है. देश की आजादी के दशकों बीत जाने के बाद भी इस घाट पर पक्का पुल नहीं बनने के कारण रोजाना सैकड़ों ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती थी. इस गंभीर जन-समस्या को लेकर बुधवार की शाम मीडिया में खबर प्रमुखता से प्रसारित की गई थी. खबर चलते ही प्रशासनिक गलियारे और राजनीतिक हलके में हलचल तेज हो गई, जिसके परिणामस्वरूप मनिहारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक मनोहर प्रसाद सिंह ने खुद गुरुवार को मौके पर पहुंचकर जमीनी हकीकत का जायजा लिया.
जान हथेली पर रखकर बांस के चचरी पुल से नदी पार करने की मजबूरी
- प्रखंडों का मुख्य संपर्क मार्ग: यह गोबरा घाट मनसाही प्रखंड की कुरेठा पंचायत के पंचवर्गा गांव के समीप कमला नदी पर स्थित है. यह घाट मनसाही और मनिहारी दोनों प्रखंडों के दर्जनों गांवों को आपस में जोड़ने वाला एकमात्र मुख्य जरिया है.
- छात्रों और मरीजों की फजीहत: पक्के पुल के अभाव में स्थानीय ग्रामीण, मजदूर और स्कूली छात्र रोज जुगाड़ के बांस के सहारे (चचरी पुल) नदी के एक छोर से दूसरे छोर आने-जाते हैं. सबसे बदतर स्थिति तब होती है जब कोई गंभीर मरीज या गर्भवती महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना होता है.
- मानसून में पूरी तरह ठप हो जाता है संपर्क: वर्तमान में प्री-मानसून की बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है. बाढ़ और बरसात के दिनों में पानी का बहाव तेज होते ही यह अस्थाई रास्ता भी पानी में बह जाता है, जिससे हजारों की आबादी का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट जाता है.
विधानसभा में उठा चुका हूँ मामला, जल्द स्वीकृत होगा पुल: विधायक
ग्रामीणों को मिला आश्वासन: निरीक्षण के दौरान विधायक मनोहर प्रसाद सिंह ने प्रभावित पंचवर्गा और लहशा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों और किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी तकलीफों को करीब से समझा. विधायक ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “गोबरा घाट पर उच्च स्तरीय पक्के पुल के निर्माण को लेकर मैंने पूर्व में ही बिहार विधानसभा सत्र के दौरान लिखित रूप से तारांकित प्रश्न डालकर सरकार के समक्ष पुरजोर मांग रखी है.”
उन्होंने उपस्थित जनसमूह को पूरी मुस्तैदी से आश्वस्त किया कि वे ग्रामीण कार्य विभाग और पुल निर्माण निगम के वरीय अधिकारियों से मिलकर इसके एस्टीमेट और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया को गति दिलवाएंगे, ताकि वित्तीय वर्ष के भीतर ही पुल का शिलान्यास कराया जा सके. पुल बनने से बाजार, स्कूल और सदर अस्पताल जाने का समय आधा रह जाएगा.
मौके पर उमड़ा ग्रामीणों का हुजूम; जल्द काम शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी
विधायक के इस निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान स्थानीय त्रिस्तरीय जन-प्रतिनिधियों ने भी अपनी बातें मजबूती से रखीं. कुरेठा पंचायत के वर्तमान मुखिया अवधेश प्रसाद यादव और सहजा पंचायत के मुख्य सामाजिक कार्यकर्ता व मुखिया प्रत्याशी मोहम्मद एजाज नदीम (एजाज अहमद नदवी) ने संयुक्त रूप से विधायक के समक्ष मांग पत्र सौंपते हुए त्वरित तकनीकी सर्वे कराने का आग्रह किया.
मौके पर मौजूद प्रबुद्ध नागरिक:
इस महत्वपूर्ण स्थल निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे डॉक्टर फैजुद्दीन, हाजी आसिफ, डॉक्टर हबीब, मोहम्मद आजाद, मोहम्मद लतीफ, मोहम्मद नजीर, डॉ. कलाम, मुर सलीम सहित पंचवर्गा और लहशा गांव के सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे. ग्रामीणों ने विधायक की इस त्वरित संवेदनशीलता और पहल की सराहना की, लेकिन साथ ही स्पष्ट लहजे में अपनी चिंता भी जाहिर की.
स्थानीय युवाओं का कहना है कि यदि इस बार भी केवल कोरा आश्वासन मिला और बाढ़ आने से पहले प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल शुरू नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय पर उग्र धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम आंदोलन करने को विवश होंगे. विधायक ने ग्रामीणों को पूर्ण विश्वास दिलाया कि इस पुल का निर्माण कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और वे मानसून सत्र में भी इस मुद्दे को दोबारा उठाएंगे.
