Bihar Flood Alert : बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक प्रशांत कुमार सीएच के निर्देश पर समग्र शिक्षा एवं प्रारंभिक शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पंकज कुमार ने सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, आरटी, आरपी, बीआरपी एवं सीआरसीसी को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. गाइडलाइन के अनुसार ऐसे विद्यालयों की पहचान की जाएगी जो हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होते हैं या जिनके भवन और परिसर जलमग्न हो जाते हैं.
दस्तावेज और शिक्षण सामग्री सुरक्षित रखने के निर्देश
शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि चिन्हित विद्यालयों में सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज, शिक्षण सामग्री, उपकरण और अन्य आवश्यक सामानों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए. जिन विद्यालयों में राहत शिविर संचालित होने की संभावना है, वहां बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए पहले से वैकल्पिक स्थान और समय तय करने की योजना तैयार करने को कहा गया है.
बच्चों और अभिभावकों को किया जाएगा जागरूक
मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत बच्चों और अभिभावकों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की नियमित जानकारी देने का निर्देश दिया गया है. बच्चों को पढ़ाई की सामग्री सुरक्षित रखने, बाढ़ और डूबने से बचाव, नाव सुरक्षा तथा आपदा के समय अपनाए जाने वाले व्यवहार के बारे में जागरूक किया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर सामुदायिक स्वयंसेवकों की भी मदद ली जाएगी.
राहत शिविरों में भी जारी रहेगी पढ़ाई
यदि किसी विद्यालय में राहत शिविर संचालित होता है या बच्चे राहत शिविरों में रह रहे हों तो वहां शिक्षकों द्वारा नियमित शिक्षण कार्य संचालित करने की योजना बनाई जाएगी. बच्चों के लिए तीन से चार घंटे का कार्यक्रम तैयार किया जाएगा, जिसमें पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य ज्ञानवर्धक गतिविधियां शामिल होंगी. विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों की देखभाल, पोषण और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है.
एमडीएम, मेडिकल किट और पुनर्वास की भी तैयारी
शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के लिए पर्याप्त खाद्यान्न, गैस सिलेंडर और प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है. साथ ही बाढ़ का पानी घटने के बाद विद्यालयों की साफ-सफाई, आवश्यक मरम्मत और बच्चों को दोबारा स्कूल लाने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी तैयारी करने को कहा गया है. राहत शिविरों में बच्चों की सुरक्षा, पंजीकरण और आवश्यक सुविधाओं की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के फोकल शिक्षकों को सौंपी गई है.
Also Read: भागलपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगा गंगाजल: 15 करोड़ की लागत से बिछेगी पाइपलाइन, अगले महीने होगा काम
