आजमनगर थाना क्षेत्र में इन दिनों महानंदा नदी के आसपास खेतिहर उपजाऊ भूमि को मिट्टी माफिया बेरोकटोक खनन कर बर्बाद किया जा रहा है. खनन की परमिशन को निर्धारित मापदंड के विपरीत खनन कर रहे हैं. जिसे लोग अवैध खनन की श्रेणी में मानते हैं. अवैध खनन मामले पर अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है. ऐसे में जिन मिट्टी माफियाओं द्वारा जेसीबी, पॉकलेन का इस्तेमाल कर मिट्टी का अवैध खनन बगैर कागजात के ट्रेलर सहित ट्रैक्टर में ओवर लोड परिचालन किया जा रहा है. इस परिचालन से आमलोग परेशान हैं. ऐसे में जब जवाबदेही स्थानीय प्रशासन की तय किया गया है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है. कहीं न कहीं स्थानीय प्रशासन की मौन सहमति की ओर इशारा करता है. एसपी शिखर चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से लगातार अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है. बीते दिनों बरारी सहित क्षेत्र के अन्य जगहों पर अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 60 लाख रुपये से अधिक राजस्व की प्राप्ति सरकारी खजाने में हुई. बीते दिनों मनिहारी थाना क्षेत्र में भी अवैध खनन पर अंकुश को लेकर बैठक की गई है. अवैध खनन पर मजबूती के साथ अंकुश लगाने को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है. साथ ही उन्होंने कहा जांच कराई जायेगी जो भी दोषी पाये जायेंगे. उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.
आजमनगर में बेरोकटोक अवैध खनन से बर्बाद हो रही उपजाऊ भूमि
आजमनगर में बेरोकटोक अवैध खनन से बर्बाद हो रही उपजाऊ भूमि
