– आंधी बारिश के कई दिन बीत जाने के बाद भी दलन के किसानों के खेत में नहीं पहुंची टीम – मुआवजे को लेकर किसान हो रहे हताश, बोले अभी तक खेतों में गिरी है गेहूं व मक्के की फसल कटिहार बीस मार्च को आयी आंधी एवं असमायिक वर्षपात से हुई फसल क्षति के बाद से किसान परेशान हैं. 21 मार्च को जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा फसल क्षति का प्रतिवेदन उपलब्ध कराये जाने के पत्र के बाद भी अब तक कई जगहों पर टीम के नहीं पहुंचने से फसल क्षतिपूर्ति के इंतजार में किसानों के अरमान टूट रहे हैं. मिलनेवाले मुआवजे को लेकर किसान हताश नजर आ रहे हैं. दलन के किसान कृष्णा कुमार, डब्ल्यू कुमार, मीठू कुमार समेत अन्य किसानों का कहना है कि आज भी उनके खेतों में लगी मक्के व गेहूं की फसले गिरी हैं. इतना ही नहीं खेतों में लगे पानी के बीच तैयारी के कगार पर पहुंचा गेंहू की फसल धाराशायी रहने से अब उनलोगों को लागत मूल्यों को निकाल पाना मुश्किल साबित होने लगा है. दलन के कई किसानों की माने तो टुकड़ों में मक्का व गेहूं की फसल लगाये थे. गेहूं की फसल अब तैयारी के कगार पर रहने और मक्का में मूंज आने के कारण उनलोगों को उम्मीद जगी थी कि इस बार पैदावार बेहतर होगी. लेकिन 20 मार्च की देरशाम को आयी आंधी और बारिश ने जैसे उनके सपनों को तोड़ कर रख दिया. दूसरे दिन जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी को फसलों की क्षतिपूति को लेकर जांच कराने का निदेश दिया गया. इसके लिए उसी दिन सभी बीएओ के नाम एक पत्र जारी किया गया. उनलोगों ने कहा, कई स्वयंसेवी संगठनों व राजनीतिक दलों द्वारा इसको लेकर सवे कराने के लिए आदेश निर्देश दिये गये. कई जगहों पर बीएओ टीम के साथ सवे को करने पहुंचे लेकिन आज सातवां दिन बीत जाने के बाद भी उनलोगों के खेतों में न तो पदाधिकारी व न हीं किसी तरह की कोई टीम आयी जिसको लेकर वे लोग परेशान हैं कि मिलनेवाला मुआवजा उपलब्ध हो पायेगा या नहीं इस पर भी संशय की स्थिति बरकरार है. बहरहाल आज भी वे लोग अपने खेतों में किसी जांच टीम के आने का इंतजार गंभीर होकर कर रहे हैं. डीएओ मिथिलेश कुमार ने बताया कि 21 मार्च को सभी बीएओ को आंधी एवं असामयिक वर्षपात से हुई फसल क्षति का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के लिए पत्र जारी किया है. पत्र में 21 मार्च के अपराह्न चार बजे तक आंधी एवं असामयिक वर्षपात से हुई फसल क्षति का प्रतिवेदन अचूक रूप से उनके कार्यालय में उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा गया था.
फसल क्षति जांच टीम के इंतजार में टूट रहे किसानों के सब्र
फसल क्षति जांच टीम के इंतजार में टूट रहे किसानों के सब्र
