– सदर विधायक ने कटिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना को पीएम से किया निवेदन, लिखा पत्र कटिहार कटिहार जिले में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना को लेकर निर्णय लिया जाना राज्य व राष्ट्रहित में श्रेयस्कर होगा. सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद ने कटिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना को पीएम नरेन्द्र मोदी को 20 सितम्बर को एकपत्र भेजकर साग्रह निवेदन किया है. आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में बिहार आपके साथ खड़ा है. पीएम का ध्यान बिहार के कटिहार जिला में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना को लेकर आकृष्ट कराया है. 15 सितम्बर 2025 को पूर्णिया में आयोजित कार्यक्रम में पीएम द्वारा बिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा से सीमांचल और कोसी के मखाना उत्पादक किसान हर्षित हैं. सम्पूर्ण बिहार के लोग आह्लादित हैं. बिहार के समस्त लोगों की ओर से उन्होंने साधुवाद व आभार जताया. भारत दुनिया का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक देश है. अपने देश के अंदर बिहार के सीमांचल और कोसी क्षेत्र में इस सुपर फूड का सबसे अधिक उत्पादन होता है. बिहार के सीमांचल, मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र के करीब 11 जिलों में मखाना का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है. जिनमें सबसे अधिक मखाना की खेती कटिहार जिले के लगभग 6843 हेक्टेयर क्षेत्र में होती है. जहां 13857 टन प्रति हेक्टेयर वार्षिक मखाना के बीज का उत्पादन होता है. क्षेत्रीय महत्व के दृष्टिकोण से कटिहार जिला बिहार ही नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल, असम एवं अन्य पूर्वोतर राज्यों के किसानों के लिए प्रमुख वाणिज्यिक एवं व्यापारिक केन्द्र है. कटिहार से बिहार के साथ साथ भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के लिए रेल मार्ग एवं सड़क राजमार्ग की सम्पर्कता काफी अच्छी है. यहां से नेपाल, बंगाल, झारखंड और उत्तर पश्चिम भारत के लिए ट्रेने उपलब्ध है. कटिहार की उपयुक्त भौगोलिक एवं प्राकृतिक पृष्टभूमि मखाना उत्पादन के लिए उत्कृष्ट वातावरण प्रदान करती है. यही कारण है कि यहां के किसान मखाना का उत्पादन प्रमुखता से करते हैं. साथ ही स्थानीय लोगों के रोजगार से जुड़े लगभग पांच सौ मखाना फोड़ी केन्द्र यहां उपलब्ध है. जिसमें हजारों कुशल श्रमिक काम कर रहे हैं. कटिहार जिले में भारत सरकार की लगभग पचास एकड़ भूमि भी उपलब्ध है. जहां पहले एनजेएमसी जूट मिल संचालित थी. इस भूमि पर राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना से भूमि अधिग्रहण में होनेवाली राशि भी कम लगेगी तथा भवन निर्माण का खर्च भी बचेगा. बिहार के सीमांचल ,मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र के प्रमुख मखाना उत्पादक जिलों में भौगाेलिक दृष्टिकोण से कटिहार की केन्द्रीयकृत रूप से अवस्थित है. पूवोत्तर भारत व उत्तर पश्चिम भारत से यहां बेहतर कनेक्टिविटी मौजूद है. ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना के लिए कटिहार जिला सर्वथा उपयुक्त स्थल होगा. इससे जहां एक ओर बिहार के मखाना उत्पादकों को बड़ी सुविधा होगी. दूसरी ओर बिहार के साथ अन्य राज्यों में भी मखाना का परिवहन सुगमता से हो सकेगा. इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बिहार के कटिहार जिला में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना किये जाने का निर्णय लिया जाना राज्य एवं राष्ट्रहित में श्रेयस्कर होगा.
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