दुर्गास्थान शनिदेव मंदिर में शनिवार को उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Durgasthan Shanidev Mandir: कटिहार के प्रसिद्ध दुर्गास्थान चौक स्थित शनिदेव मंदिर में शनिवार को लेकर विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. न्याय के देवता शनिदेव की आराधना के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगेगा, जिसे देखते हुए मंदिर कमेटी और ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा व सुगम दर्शन के पुख्ता इंतजाम किए हैं.

कटिहार से सूरज गुप्ता की रिपोर्ट

Durgasthan Shanidev Mandir: कटिहार शहर के हृदय स्थली कहे जाने वाले दुर्गास्थान चौक के समीप स्थित सुप्रसिद्ध शनिदेव मंदिर में शनिवार को आस्था का महासैलाब उमड़ेगा. वैसे तो इस ऐतिहासिक मंदिर में हर दिन शनिदेव की चौखट पर माथा टेकने के लिए सैकड़ों स्थानीय श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन सनातन परंपरा में शनिवार का दिन साक्षात शनि महाराज को समर्पित होने के कारण इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. मान्यता है कि आज के दिन विधि-विधान से की गई पूजा-अर्चना से जीवन के सभी कष्ट और ग्रह दोष दूर होते हैं. भीड़ के मद्देनजर मंदिर प्रशासन ने सभी भक्तों से कतारबद्ध होकर शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन करने की अपील की है.

सुबह 7:30 बजे से शुरू होगी पूजा; शनिवार को चढ़ेगा तेल और काला तिल

  • आरती का समय: मंदिर के मुख्य पुजारी कैलाश शर्मा ने बताया कि शनिवार की विशेष पूजा-अर्चना सवेरे 07:30 बजे से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू होगी. इसके तुरंत बाद भव्य सामूहिक महाआरती का आयोजन किया जाएगा.
  • संध्या आरती: इसके पश्चात भक्तों के लिए कपाट खुले रहेंगे और शाम ठीक 06:00 बजे सूर्यास्त के समय संध्या महाआरती और विशेष शृंगार किया जाएगा.
  • शनि दोष से मुक्ति के उपाय: मुख्य पुजारी ने धार्मिक महत्व को साझा करते हुए बताया कि शनिदेव कर्म प्रधान और न्याय के देवता हैं. शनिवार के दिन मंदिर में आकर सरसों का तेल, काला तिल, काला वस्त्र, नील कमल और उड़द की दाल अर्पित करने से भक्तों को साढ़ेसाती और ढैय्या जैसे शनि दोषों से तत्काल मुक्ति मिलती है.

सीमांचल के कई जिलों में है मंदिर की साख; सुरक्षा के लिए पुलिस अलर्ट

दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु: इस शनिदेव मंदिर की महिमा और प्रसिद्धि केवल कटिहार शहर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कोसी-सीमांचल और उत्तर बिहार में फैली है. शनिवार के विशेष अवसर पर पड़ोसी जिले पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और सुदूर बारसोई अनुमंडल सहित पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों से भी हजारों की संख्या में मन्नतधारी यहाँ पहुंचते हैं.

भीड़ नियंत्रण और नागरिक सुविधाएं:

शनिवार को होने वाली अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर के सेवादारों और वालंटियर्स की अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं. मंदिर परिसर के भीतर शुद्ध पेयजल, जूता स्टैंड, सीसीटीवी कैमरे और बुजुर्गों के बैठने के लिए विशेष शेड की व्यवस्था की गई है.

चूंकि मंदिर मुख्य दुर्गास्थान चौक के व्यस्त मार्ग पर स्थित है, इसलिए वाहनों के कारण आम राहगीरों को परेशानी न हो और जाम की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए स्थानीय ट्रैफिक पुलिस (यातायात थाना) को अतिरिक्त बल के साथ मुस्तैद रहने के लिए अलर्ट किया गया है. स्थानीय भक्तों का कहना है कि शनिवार को जो भी सच्चे मन से व्रत रखता है और मंदिर के बाहर बैठे जरूरतमंदों व गरीबों को अन्न-वस्त्र का दान देता है, उसके जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं. मंदिर समिति के अनुसार, शनिवार को मंदिर के कपाट सुबह 06:00 बजे से लेकर रात्रि 08:00 बजे तक लगातार खुले रहेंगे ताकि कोई भी भक्त दर्शन से वंचित न रह जाए.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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