डंडखोरा में आंधी-बारिश का जबरदस्त तांडव, सड़कों पर गिरे विशाल पेड़, बिजली के खंभे टूटने से ब्लैकआउट

Dandkhora Storm Power Outage: कटिहार के डंडखोरा में शनिवार की रात कुदरत का ऐसा कहर टूटा कि पल भर में ही चारों तरफ तबाही का मंजर दिखाई देने लगा. तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने न केवल यातायात की रफ्तार रोक दी, बल्कि पूरी बिजली व्यवस्था को भी तहस-नहस कर दिया.

Dandkhora Storm Power Outage: कटिहार के डंडखोरा से संजय सिंह की रिपोर्ट: कटिहार जिला के डंडखोरा प्रखंड क्षेत्र में शनिवार की रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. चक्रवाती हवाओं के कारण प्रखंड क्षेत्र के कई मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों में विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए. इस तबाही के कारण घंटों तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा और पूरा इलाका घने अंधेरे में डूब गया.

दमकल और वन विभाग ने काटना शुरू किया पेड़, घंटों बाद खुला रास्ता

आंधी के बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि डुमरिया, मधैली, डंडखोरा अंचल कार्यालय और थाना मार्ग पर बड़े-बड़े वृक्ष गिरने से राहगीर जहां-तहां फंस गए. वहीं, बेलरही-सोनेली मुख्य मार्ग पर भी पेड़ गिरने से गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. प्रशासन की सूचना पर वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मजदूरों को काम पर लगाया. कई घंटों की कड़ी मशक्कत और कटर मशीनों से पेड़ों को काटने के बाद धीरे-धीरे मुख्य सड़कों से मलबे को साफ कर आवागमन बहाल किया जा सका. इस प्राकृतिक आपदा की मार प्राथमिक विद्यालय मधैली पर भी पड़ी, जहां परिसर में एक बड़ा पेड़ गिरने से स्कूल के ढांचे को नुकसान पहुंचा है.

11 हजार वोल्ट की लाइन क्षतिग्रस्त, युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य जारी

तेज आंधी-तूफान के कारण डंडखोरा की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. कई जगहों पर बिजली के चालू तार टूट गए और खंभे जमीन पर आ गिरे. खासकर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पर भारी वृक्षों के गिरने से पूरे सब-स्टेशन की बिजली आपूर्ति ठप हो गई. बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JE) रजनीश कुमार ने बताया कि रविवार की सुबह से ही विभागीय मानव बल और तकनीशियनों के सहयोग से युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है. क्षतिग्रस्त पोल और तारों को बदलने तथा बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द चालू करने के लिए टीम लगातार फील्ड में डटी हुई है.

किसानों की फसलों को भारी नुकसान, घरों के छप्पर उड़े

आंधी-बारिश ने डंडखोरा के किसानों और आम गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है. तेज हवा के झोंकों के कारण कई ग्रामीणों के घरों के एस्बेस्टस और फूस के छप्पर उड़ गए, जिससे लोग खुले आसमान के नीचे आ गए. वहीं, खेतों में कटाई के बाद रखे धान और मक्के के अनाज को भी इस बेमौसम बारिश से व्यापक नुकसान पहुंचा है. अनाज के भीगने और बर्बाद होने से स्थानीय किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं. प्रभावित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उचित मुआवजे और नुकसान के आकलन की मांग की है.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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