आजमनगर रमजान के तीसरे अशरे तथा माह ए रमजान की विदाई के मौके पर अलविदा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गयी. प्रखंड क्षेत्र के प्रत्येक मस्जिद कमेटी के द्वारा नमाजियों के लिए व्यापक व्यवस्था किया था. जिस मस्जिद में जगह कम पड़ गयी. वहां बरामदे में नमाज के लिए जगह बनायी गयी. कुछ जगहों पर टेंट के माध्यम से नमाजियों को जगह उपलब्ध कराई गयी. आजमनगर बाजार के निकट बड़ी मस्जिद छोटी मस्जिद तहसीलदार टोला स्थित बड़ी मस्जिद बघौरा गांव स्थित छोटी बड़ी मस्जिद, मशाल टोली के बड़ी मस्जिद में अकीदत के साथ अलविदा की नमाज अदा की गयी. मशालटोली मस्जिद के इमाम अनवार आलम ने कहा कि रमजान के महीने में एक नेकी के बदले अल्लाह ताला 70 नेकी प्रदान करते हैं. सुन्नत नमाजज़ अदा करने पर फर्ज के बराबर अजर मिलता है. रमजान के अंतिम अशरे में जहन्नम से निजात पाने के लिए नमाज के बाद अल्लाह से रूबरू होकर दुआ मांग कर अजर हासिल की जा सकती है. देश में खुशहाली आये, दुनिया में देश का नाम रोशन हो उसके लिए दुआ अवश्य मांगी. हाफिज अनवार आलम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नमाज के बाद देश में खुशहाली आय. इसके लिए दुआ अवश्य करें.
रमजान के जुमे की नमाज के लिए उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़
रमजान के जुमे की नमाज के लिए उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़
