कटिहार. समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को किया. कार्यक्रम का सीधा प्रसारण समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में किया गया, जहां जिला प्रशासन, जीविका से जुड़ी महिलाएं और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमियों को बढ़ावा देना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता के साथ जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
ग्रामीण हाट और उद्यमी वर्कशेड पर जोर
समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान के तहत पंचायत स्तर पर ग्रामीण हाट, पशुघर, उद्यमी वर्कशेड और बिक्री केंद्र जैसी सुविधाओं के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा. इससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अपने उत्पादों के उत्पादन, बिक्री और कारोबार के विस्तार के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है.
चार लाख महिलाओं को पहली और एक लाख को दूसरी किस्त
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बिहार की चार लाख महिला लाभार्थियों के खाते में प्रथम किस्त की राशि का अंतरण किया. वहीं द्वितीय किस्त के तहत एक लाख महिलाओं को सहायता राशि दी गई. जीविका निधि के तहत 10 हजार महिला लाभार्थियों के खातों में भी राशि का अंतरण किया गया.
कटिहार में 14,505 महिलाओं को मिली 10 हजार रुपये की पहली किस्त
समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान के तहत कटिहार जिले में 14,505 महिलाओं को प्रथम किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई. वहीं 4,526 महिलाओं को द्वितीय किस्त के रूप में 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई. इसके अलावा 1,012 महिलाओं को जीविका निधि के तहत करीब पांच करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया.
वीडियो कांफ्रेंसिंग से महिलाओं को किया संबोधित
मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी महिलाओं को संबोधित किया. उन्होंने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार की योजनाओं की जानकारी दी. कार्यक्रम में महिलाओं को योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया.
योजना का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाओं को सबसे पहले अपने क्षेत्र के जीविका समूह से जुड़ना होगा. ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अपने गांव में संचालित जीविका स्वयं सहायता समूह के माध्यम से योजना की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं. समूह से जुड़ी महिलाओं के विवरण और बैंक खाते की जानकारी संबंधित स्तर पर सत्यापित की जाती है.
आवेदन से खाते में राशि आने तक की प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए महिला को जीविका समूह के माध्यम से अपनी जानकारी उपलब्ध करानी होती है. इसके बाद संबंधित स्तर पर लाभार्थी का सत्यापन किया जाता है. पात्रता पूरी होने पर महिला का विवरण योजना के लिए आगे भेजा जाता है. स्वीकृति के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है.
महिला को अपना आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और मोबाइल नंबर जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध रखने चाहिए. बैंक खाता सक्रिय होना और खाते का विवरण सही होना भी जरूरी है. किसी भी स्तर पर दस्तावेज या बैंक विवरण में गड़बड़ी होने पर राशि मिलने में परेशानी हो सकती है.
10 हजार रुपये की पहली किस्त का उपयोग रोजगार के लिए
पहली किस्त के रूप में मिलने वाली 10 हजार रुपये की सहायता राशि का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार या छोटे कारोबार से जोड़ना है. महिला अपनी जरूरत और स्थानीय बाजार की मांग के अनुसार कारोबार शुरू या विस्तारित कर सकती है. इसमें पशुपालन, कृषि आधारित गतिविधि, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, दुकान या अन्य छोटे स्वरोजगार जैसे कार्य शामिल हो सकते हैं.
दूसरी किस्त के लिए पहले रोजगार गतिविधि पर जोर
पहली सहायता राशि का उपयोग रोजगार गतिविधि में करने के बाद महिला को आगे की सहायता के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत मूल्यांकन किया जा सकता है. योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र लाभार्थियों को दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है. इसके लिए महिला की गतिविधि, उपयोग और पात्रता से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जा सकता है.
जीविका निधि से मिल सकता है ऋण
जो महिलाएं अपने कारोबार को आगे बढ़ाना चाहती हैं, वे जीविका के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय सहायता और ऋण योजनाओं की जानकारी ले सकती हैं. जीविका निधि के तहत पात्र महिलाओं को कारोबार और आजीविका गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है. ऋण की राशि, पात्रता और स्वीकृति संबंधित नियमों एवं प्रक्रिया के अनुसार तय होती है.
कहां से मिलेगी योजना की जानकारी
योजना का लाभ लेने या आवेदन से जुड़ी जानकारी के लिए ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अपने जीविका स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन या संबंधित जीविका कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं. लाभार्थी आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता, जरूरी दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी की जांच करा सकती हैं.
कटिहार की महिलाओं को मिला बड़ा लाभ
एनआईसी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी, उप विकास आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका, जीविका दीदियां और जिला स्तरीय विभिन्न प्रबंधक मौजूद रहे. अधिकारियों ने कार्यक्रम के सीधे प्रसारण में भाग लिया और महिला लाभार्थियों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी साझा की.
महिला उद्यमिता को मिलेगा आधार
अभियान के तहत आर्थिक सहायता के साथ ग्रामीण स्तर पर आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है. ग्रामीण हाट और बिक्री केंद्र जैसी सुविधाओं से महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए स्थानीय बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. वहीं उद्यमी वर्कशेड जैसी सुविधाएं महिला उद्यमियों को कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध करा सकती हैं.
