प्रतिनिधि, बरारी
प्रखंड के मोहनाचांदपुर पंचायत में पचायत भवन तक नहीं है. पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य चार वर्ष पूर्व शुरू किया गया था. वर्ष 2019 के सितंबर माह में बीडीओ, प्रमुख ने शिलान्यास किया था. संवेदक सह पंचायत सचिव प्रभात कुमार ने उस वक्त के मुखिया ब्रम्हानंद साह के अथक प्रयास से किया गया था. कार्य को द्रुतगति से आरंभ किया गया. कार्य पेटी कान्ट्रेक्टर को दे दिया गया. पंचायत सचिव प्रभात कुमार के बाद पंचायत सचिव अनिल जयसवाल ने प्रभार लिया. लेकिन कार्य में गुणवत्ता पर ग्रामीणों के विरोध होने पर बीडीओ पूरण साह एवं बीपीआरओ माधवेन्द्र कुमार ने जांच किया तो एक दीवार पीलर सहित जांच में गिर गया. उस समय मुखिया ब्रम्हानंद साह एवं सरपंच इरशाद आलम भी थे. दीवार गिरते ही लोग आक्रोशित हो गये थे. पदाधिकारी के आश्वासन पर कि गुणवत्ता के साथ काम होगा. साथ हीं कार्रवाई भी होगी. लोग मान गये. फिर भी पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य अधूरा हीं पड़ा रहा. राशि का उठाव करीब 80 लाख भुगतान होने की बात सामने आयी है. वर्तमान में पंचायत सचिव नीतीश कुमार हैं जो पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है. पंचायत के पूर्व मुखिया ब्रम्हानंद साह बताते हैं कि पंचायत में पंचायत भवन तक नहीं है. सितम्बर माह 2019 में पंचायत सरकार भवन बनाने का काम शुरू किया गया. बाढ़ के कारण काम रुका रहा. पुनः पंचायत चुनाव के बाद से कार्य में गति नहीं आयी. कई बार आला अधिकारी को सूचना देने पर भी कार्य पूरा नहीं हुआ. पंचायत की जनता को परेशानी होती है. वर्तमान सरपंच इरशाद आलम ने बताया कि बाढ़ का इलाका है. संवेदक राशि उठाने में रहते है. काम में गुणवत्ता की अनदेखी करने पर काम को भी रोका गया. पदाधिकारी का आश्वासन हुआ लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी पंचायत सरकार भवन का निर्माण नहीं हो पाया. जो प्रशासन एवं विभागीय शिथिलता है. उपविकास आयुक्त से मोहनाचांदपुर पंचायत सरकार भवन की जांच कर अधूरा पड़ा भवन में दोषी पर कार्रवाई करने की अपील की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
