हसनगंज प्रखंड क्षेत्रों में बुधवार को चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व चैती छठ उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न हो गया. छठ व्रतियों ने जलाशयों में 36 घंटे का निर्जला उपवास का पारण किया. यह लोक आस्था का महापर्व चैती छठ 22 मार्च को नहाय खाय से शुरु होकर, 24 मार्च संध्या अर्घ्य और 25 मार्च को सुबह उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान कर संपन्न हो गया. हसनगंज प्रखंड के विभिन्न हिस्सों में लोक आस्था का महापर्व चैती छठ उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा करते हुए पर्व का समापन किया. जिसको लेकर पुरे प्रखंड क्षेत्रों में भक्ति का माहौल देखा गया. प्रखंड क्षेत्रों में हिंदी मास के शुक्ल पक्ष में मनाए जाने वाले चैती छठ का एक अलग ही आस्था व विश्वास देखा गया. छठ व्रतियों ने संतान प्राप्ति व सुख समृद्धि की कामना करते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया. मौके पर छठ व्रतियों ने बताया कि सनातन धर्म में संतान की निरोगिता एवं परिवार की सुख समृद्धि के लिए छठी माता की पूजन की जाती है. छठ व्रतियों ने छठ घाट सहित घर में बने कृत्रिम जलाशयों में उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया.
चैती छठ उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न
चैती छठ उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न
