बारसोई. प्रखंड के आबादपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलवा पंचायत स्थित श्री सरस्वती मंदिर से गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली गई. जैसे ही भगवान का रथ मंदिर परिसर से आगे बढ़ा, पूरा क्षेत्र "जय जगन्नाथ", "हरि बोल" और "जय श्रीकृष्ण" के जयघोष से गूंज उठा. भगवान के दर्शन और रथ की रस्सी खींचने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.
पांच विधायकों ने खींची रथ की रस्सी
रथ यात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला, जब बलरामपुर विधायक संगीता देवी, कदवा विधायक दुलाल चंद्र गोस्वामी, प्राणपुर विधायक निशा सिंह, कटिहार विधायक तारकिशोर प्रसाद और कोढ़ा विधायक कविता पासवान ने श्रद्धालुओं के साथ रथ की रस्सी थामकर भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट की. जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की.
आबादपुर दुर्गा मंदिर तक पहुंची यात्रा
वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक पूजा-अर्चना के बाद अपराह्न चार बजे भगवान का रथ श्री सरस्वती मंदिर, बेलवा से रवाना हुआ. रथ यात्रा बुढ़ाकामत और मदारगाछी होते हुए आबादपुर स्थित दुर्गा मंदिर पहुंची. यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया. महिलाओं ने मंगलगीत गाए और युवाओं ने भक्ति गीतों के साथ जयघोष कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
24 जुलाई तक चलेंगे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन
मंदिर न्यास समिति के सदस्य दीपक कुमार साह ने बताया कि नौ दिवसीय श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव 24 जुलाई तक चलेगा. इस दौरान आबादपुर दुर्गा मंदिर परिसर में प्रतिदिन भजन-कीर्तन, हरिनाम संकीर्तन, धार्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. 24 जुलाई को भगवान का रथ पुनः श्री सरस्वती मंदिर, बेलवा लौटेगा.
सनातन परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश
दीपक कुमार साह ने बताया कि सनातन धर्म में श्री जगन्नाथ रथ यात्रा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं और जो श्रद्धालु श्रद्धा से उनके रथ का दर्शन करते हैं या रथ की रस्सी खींचते हैं, उन पर भगवान की विशेष कृपा होती है. यह महापर्व सामाजिक समरसता, सेवा और धार्मिक आस्था का संदेश देता है.
समिति ने जताया आभार
मंदिर न्यास समिति के सदस्य दीपक कुमार साह, मिहिर मुखर्जी, सपन साहा, गौतम बावड़ी, चंदन चौधरी, प्रेम राय, पप्पू दास, भास्कर साहा और शुभम साहा ने रथ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया. उन्होंने नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक आयोजनों में अधिक से अधिक लोगों से भाग लेने की अपील की. पूरे रथ मार्ग पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ.
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