पटाखा चलाने से बचें, आंखों को रहता है सबसे अधिक खतरा : डॉ साबिर

प्रभात खबर से बातचीत में डॉक्टर ने लोगों को सचेत किया

कटिहार. आई स्पेशलिस्ट डॉ साबिर करीम ने कहा कि दीपावली में पटाखा चलाने से लोगों को बचना चाहिए. इस क्रम में थोड़ी सी चूक काफी नुकसान पहुंचा सकती है. प्रभात खबर से बातचीत के क्रम में डॉ साबिर करीम ने कहा कि पटाखा से निकलने वाला धुआं यदि अचानक आंखों में चला जाय, तो इससे आंखों को काफी नुकसान पहुंचाता है. उन्होंने बताया कि इसके धुएं से दो तरह के नुकसान है. सूखापन ड्राई आई से आंखों में ड्राइनेस बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है. धुआं से आंख में एलर्जी हो सकती है. इन्फेक्शन भी हो सकता है. पलक का जलना तथा पुतली में जख्म हो सकता है. ज्यादा रोशनी वाले पटाखे खासकर अनार को ज्यादा देर तक जलते देखने से इनका असर रेटिना पर पड़ता है. पटाखे में अल्ट्रावायलेट किरणें होती हैं, जो रेटीना के मेंकुला को प्रभावित कर सकती है. डॉ साबिर करीम ने बताया कि यदि पटाखे की चिंगारी या धुआं आंखों में पड़ती है तो उस स्थिति में आंखों को हाथ से न मसले, साफ पानी से आंख को कुछ देर धोते रहे. आंखों में कपड़ा व हाथ नहीं लगाना है. चूंकि आंख काफी संवेदनशील अंग है, इसलिए डॉक्टर की सलाह अति आवश्यक है. यदि डॉक्टर के संपर्क करना मुश्किल है तो उस स्थिति में प्लेन एंटीबायोटिक आई ड्रॉप आंख में डाल सकते हैं. इससे काफी हद तक आराम मिलेगा. हालांकि डॉक्टर की सलाह व इलाज आंखों के लिए बहुत आवश्यक है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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